रेवाड़ी जिले के गांव मामड़िया आसमपुर निवासी CRPF जवान की पत्नी सुमन ने दैनिक भास्कर से कहा कि बृहस्पतिवार को जब अंतिम बार उनकी अपने पति से बात हुई, तो वह पूरी तरह से सामान्य थे। फोन पर मुझसे कहा था पहले बच्चों की पढ़ाई और बेटे की क्रिकेट कोचिंग के बारे में पूछा, फिर कहा अब ड्यूटी जाना है, वापस आकर फिर बात करेंगे। हर रोज दिन में दो तीन बार फोन पर बात होती थी। नहीं सुसाइड के बारे में तो वो कभी सोच भी नहीं सकते। बृहस्पतिवार की शाम अनंतनांग में पोस्ट पर गोली लगने से सतीश की मौत हो गई थी। तीन साल से दिल्ली में परिवार सतीश का परिवार पिछले तीन साल से दिल्ली में रह रहा है। पिता की मौत के बाद से मां भी पिछले करीब एक साल से दिल्ली में है। बड़ा बेटा आकाश 8वीं और बेटी भावना 6वीं क्लास की छात्रा है। छोटे बेटे अमन ने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया। सतीश अपने बेटे आकाश को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। इसके लिए आकाश का क्रिकेट अकैडमी के दाखिला करवाया हुआ है। सतीश एक माह पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी गए थे। सरपंच बोले- चेहरे पर रहती थी मुस्कॉन गांव के सरपंच अशोक कुमार यादव ने कहा कि सतीश जब भी गांव आते थे, सभी के साथ अक्सर हंसकर बातें करते थे। पिता के जीवित रहते हुए छुटि्टयों में अक्सर गांव में आते थे, परंतु पिता की मौत के बाद मां के दिल्ली जाने के बाद गांव आना थोड़ा कम हो गया था। गांव में सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार गांव मामड़िया आसमपुर के सीआरपीएफ जवान सतीश की ड्यूटी अनंतनाग जिले की हिलर पोस्ट पर चल रही थी। बृहस्पतिवार को शाम 6 बजे ड्यूटी पर गए थे। शाम करीब 7 बजकर 47 मिनट पर पोस्ट से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनकर पोस्ट के पास तैनात जवान तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने देखा कि सतीश के सिर में गोली लगी हुई थी। उनकी इंसास राइफल पर भी पास में पड़ी हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि हथियार से अचानक गोली चलने की वजह से उनकी मौत हो गई। बृहस्तिवार शाम को गांव में सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया।
रेवाड़ी के CRPF जवान की मौत का मामला:पत्नी बोलीं- बेटे को बनाना था क्रिकेटर; सुसाइड की सोच भी नहीं सकते
