बेटी की बारात दरवाजे पर थी, पिता-चाचा की मौत:अमेठी में द्वारपूजा के लिए फल लेने गए थे, दो बाइक टकराईं

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अमेठी में बेटी की शादी वाले दिन शुक्रवार को पिता और चाचा की सड़क हादसे में मौत हो गई। बारात घर के दरवाजे पर खड़ी थी। दुल्हन घर में सज-धजकर तैयार थी। शहनाइयां बज रही थीं। पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। द्वारपूजा और जयमाल की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। बाहर बैंड पर बाराती दूल्हे के साथ नाच-गा रहे थे। इस बीच रात करीब 8 बजे द्वारपूजा के लिए फल खरीदने दुल्हन के पिता गौतम और चाचा आशाराम बाइक से बाजार गए। इस बीच सामने से आ रही बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। गौतम और आशाराम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही शादी वाले घर में मातम छा गया। पिता की मौत की खबर सुनकर बेटी बेहोश गई। बाद में सादगी के साथ जल्दी-जल्दी शादी की रस्में पूरी करा कर बेटी को विदा किया गया। रस्मों के दौरान बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसा जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर लखनऊ-जौनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जायस मोड़ के पास हुआ। देखिए तस्वीरें… अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- शादी की रस्मों के बीच मिली हादसे की खबर परिवार वालों ने बताया कि घर में शादी की रस्में चल रही थीं। सभी लोग पिता गौतम का इंतजार कर रहे थे, ताकि द्वारपूजा की रस्म शुरू की जा सके। इसी दौरान मौत की खबर आई। घर में कोहराम मच गया। बेटी मनीषा बेहोश होकर गिर पड़ी। बेटी की डोली उठने से पहले पिता की मौत की खबर ने पूरे घर को तोड़ दिया। हादसे की सूचना के बाद शादी की रस्में सादगी के साथ पूरी की गईं। दुल्हन की विदाई कराई गई। बैंड-बाजा भी वापस कर दिया गया। पत्नी बोलीं- अब मेरा और बच्चों का क्या होगा गौतम कुमार की पत्नी मंजीता ने रोते हुए बताया- घर में सात बेटियां और एक बेटा है। एक की शादी हो गई। अभी तो 6 बेटिया और बची हैं। मैं तो घर के काम में व्यस्त थी। वो फल लेने गए थे। शादी से कुछ देर पहले हादसे की खबर आई। अब मैं अकेले इन बच्चों को कैसे पालूंगी। घर में कमाने वाला और कोई नहीं है। अब मेरा और मेरे बच्चों का क्या होगा। आशाराम की पत्नी मिथलेश कुमारी ने बताया कि उनके पति भी शादी के लिए सामान लेने गए थे। परिवार में पांच बच्चे हैं। जगदीशपुर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र यादव ने बताया- दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौत हुई है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। —————————————- यह भी पढ़िए बहुत मार रहे हैं.. 2:50 बजे मां को आखिरी कॉल:नोएडा में जलती चिता से मोनिका का शव निकाला, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मौत का राज खोलेगी ‘बेटी मोनिका ने दोपहर करीब 2:50 बजे फोन किया था। कह रही थी पति और ससुराल वाले मुझे मार रहे हैं। प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। बेटी रोते हुए कह रही थी बचा लो। बेटी के ससुरालियो ने लाश जलाने की भी कोशिश की। पुलिस पहुंची तो भाग खड़े हुए। ‘ ये कहना है मेरठ की रहने वाली मोनिका की मां रेनू नागर का। रेनू नागर की बेटी ने ग्रेटर नोएडा में 17 फरवरी को कोर्ट मैरिज की थी। 7 मई को उसकी मौत हो गई। घटना गुरुवार शाम की दादरी थाना क्षेत्र के घोड़ी गांव की है। पढ़िए पूरी खबर…