ठाकुर विधायकों को एकजुट करने वाले रामवीर का इंटरव्यू:बोले-योगी को इस बारे में पता नहीं था, जो मिला उसे इनवाइट किया

ठाकुर विधायकों को एकजुट करने वाले रामवीर का इंटरव्यू:बोले-योगी को इस बारे में पता नहीं था, जो मिला उसे इनवाइट किया

मुरादाबाद की कुंदरकी सीट से BJP विधायक रामवीर सिंह सुर्खियों में हैं। यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान लखनऊ के एक फाइव स्टार होटल में 40 ठाकुर विधायकों को इकट्‌ठा किया। आयोजन को ‘कुटुम्ब-परिवार’ का नाम दिया। खास बिरादरी के विधायकों की इस दावत के तमाम राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। आयोजन को राजनीतिक गलियारों में BJP की अंदरूनी खींचतान में दिल्ली पर प्रेशर बनाने की टैक्टिस के तौर पर भी देखा जा रहा है। कुटुम्ब परिवार आखिर क्या है? इसका राजनीतिक भविष्य क्या है, इस आयोजन के पीछे कौन है? अचानक खास बिरादरी के विधायकों की दावत करने की जरूरत क्यों पड़ी? कुटुम्ब परिवार के आयोजन के बाद उठ रहे तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने इसके मेजबान रहे विधायक ठाकुर रामवीर सिंह से बात की। रामवीर ने इस आयोजन को अपनी पोती के बर्थडे से जोड़ने की कोशिश की, मगर बता दें कि आयोजन में रामवीर की फैमिली मौजूद नहीं थी। उन्होंने ये भी कहा कि कुटुम्ब परिवार आगे भी मिलता रहेगा और ऐसे आयोजन होते रहेंगे। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : यूपी में कुटुम्ब परिवार की चर्चा है, ये हकीकत में क्या है?
जवाब : ऋषि मुनियों ने पूरी दुनिया को ही कुटुम्ब माना है। वो एक पारिवारिक कार्यक्रम था। मेरी पोती का बर्थडे था। उसमें मित्रों, संरक्षकों, गुरुओं आदि को बुलाया गया था। कार्यक्रम बेहद शॉर्ट टाइम पर था इसलिए जो भी सामने मिला उसे इनवाइट कर दिया। इसमें जाति विशेष को बुलाने का मकसद नहीं था। भोजन के बाद लोग वहां से चले गए। कार्यक्रम में ठाकुर ही नहीं, दलित और ब्राहम्ण भी शामिल हुए थे। सवाल : इसके पीछे कुछ खास चेहरे बताए जा रहे हैं?
जवाब : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस आयोजन के विषय में पता भी नहीं था। ये हमने सोचा भी नहीं था कि आयोजन से पहले योगी जी या मोदी जी से पूछें। सवाल : इस आयोजन के बाद आपके मंत्री बनने के कितने चांस हैं?
जबाव : मंत्री बनाने का निर्णय तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री और महामंत्री मिलकर लेते हैं। जिसे वे चाहेंगे, वही मंत्री बनेगा। लेकिन भाजपा में लोग कार्यकर्ता बनकर भी खुश हैं। मकसद देश समाज के हित में काम करना है। जब जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाएंगे। सवाल : इस आयोजन के बाद क्या संगठन ने कोई सवाल किया है?
जवाब : संगठन ने मुझसे कोई सवाल नहीं किया। संगठन में बहुत ही योग्य और बुद्धिजीवी अधिकारी और नेता हैं। उन्हें यही लगा कि यह एक सामान्य बात है। ईष्ट मित्रों को खाना खिलाने में सवाल और सफाई जैसी कोई बात नहीं है। सवाल : एक जगह इतने ठाकुर चेहरों को इकट्‌ठा करने का मकसद?
जवाब : जहां तक ठाकुर मंत्री की बात है, तो इस वर्तमान कैबिनेट में सभी को प्रतिनिधित्व मिला है। योगी कैबिनेट और मोदी कैबिनेट में हर वर्ग और हर धर्म के लोग हैं। जहां तक मंत्रीमंडल विस्तार का विषय है तो यह तो पार्टी नेतृत्व ही तय करेगा। हम तो इस बारे में संभावनाएं भी नहीं लगा सकते। सवाल : कुटुम्ब परिवार का भविष्य क्या मानते हैं?
जवाब : कुटुम्ब परिवार तो मिलता ही रहेगा। बेटी पोती का जन्मदिन विवाह होगा, तो आयोजन तो होते ही रहते हैं। खुशी और दुख में कुटुम्ब परिवार मिलता है और आयोजन होते हैं। सवाल : ठाकुर विधायकों की दावत से क्या संदेश देने की कोशिश?
जवाब : इससे कोई राजनीतिक संदेश देने का इरादा नहीं है। कोई और कारण न था, न है और न होगा। मैं जातीय राजनीति करके विधायक नहीं बन सकता था। मुझे 82 हजार मुस्लिमों ने और 90 हजार हिंदुओं ने वोट दिया। वोट देने वाले हिंदुओं में हरेक जाति के लोग थे। सवाल : क्या आयोजन के बाद CM ने कोई सवाल किया?
जवाब : मुख्यमंत्री की सोच बड़ी है। उन्होंने कोई सवाल इस पर नहीं किया है। सवाल : आपने जाति-धर्म से ऊपर की बातें कहीं, अचानक बिरादरी की पंचायत?
जवाब : लखनऊ में हुए हमारे आयोजन को सीमित दायरे में देखा जा रहा है। जबकि आयोजन में मुस्लिमों ने भी हिस्सा लिया। जहां तक कार्यक्रम में लगे होर्डिंग का सवाल है तो वो वहां व्यवस्था देख रहे हमारे कार्यकर्ताओं ने लगा दिए थे। उसके पीछे कोई सोची समझी सोच नहीं थी। मैं तो कार्यक्रम में बाकी लोगों की तरह ही पहुंचा था। सवाल : बिरादरी को जोड़ने की कोशिश गृह जनपद में क्यों नहीं की?
जवाब : सुशांत सिंह को भी वहां (कुटुम्ब परिवार आयोजन) आना था। वो शायद अपनी किसी परिस्थिति की वजह से नहीं आ पाए। जहां तक जिला पंचायत अध्यक्ष का सवाल है तो वो लखनऊ में थीं नहीं, इसलिए उन्हें इनवाइट नहीं किया गया। जो लोग नजरों के सामने पड़े, उनसे कह दिया गया। सवाल : कुटुम्ब परिवार के आयोजन आगे फिर होंगे?
जवाब : परिवार है तो आयोजन तो होंगे ही। कुटुम्ब के लोग साथ बैठते रहेंगे। इसे एक जाति से मत जोड़िए। हमारे लिए पूरी पार्टी ही एक कुटुम्ब है। ……………… यह भी पढ़ें : यूपी में 40 ठाकुर विधायकों ने बनाया कुटुंब परिवार:लखनऊ के फाइव स्टार होटल में साथ बैठे, सपा के बागी भी पहुंचे यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ। पहले दिन विपक्ष ने प्रदर्शन किया तो सत्ता पक्ष ने पलटवार, लेकिन शाम ढलते ही लखनऊ के फाइव स्टार होटल में भाजपा के क्षत्रिय विधायकों की बैठक हुई। इसमें सपा के बागी विधायक भी शामिल हुए। किसी ने इसे बर्थडे पार्टी बताया तो किसी ने कहा- यह ठाकुर रामवीर की जीत का जश्न है। पढ़िए पूरी खबर…

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