लखनऊ में बेकाबू स्कॉर्पियो कार ने जन्माष्टमी का कार्यक्रम देखने जा रहे लोगों को रौंद दिया। चीख-पुकार सुनकर लोग ड्राइवर को पकड़ने के लिए दौड़ तो उनके ऊपर भी कार चढ़ा दी। हादसे में 10 लोग घायल हो गए। 3 की हालत गंभीर है, सभी घायलों को पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर-2 में भर्ती कराया गया है। ड्राइवर सामने से आ रही दूसरी गाड़ियों में टक्कर मारता चला गया। इस दौरान उसकी कार का एक टायर फट गया। फटे टायर पर गाड़ी दौड़ाता रहा। सूचना पर सिपाही ने बाइक से उसका पीछा किया। सिपाही कार का गेट पकड़कर लटक गया। इस पर ड्राइवर ने कार रोककर सिपाही से हाथापाई शुरू कर दी। तब तक पीछे से पहुंचे लोगों ने आरोपी ड्राइवर को पकड़ लिया। घटना शनिवार रात 12 बजे पीजीआई थाना क्षेत्र के तेलीबाग बाजार की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ड्राइवर की पहचान हुसैनगंज निवासी अक्षय सिंह के रूप में हुई है। उसके खिलाफ तीन जिलों में हत्या, लूट के 8 मामले दर्ज हैं। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके किसी राजनीतिक पार्टी में होने की भी जांच की जा रही है। 3 तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा घटनाक्रम हादसे में घायल युवक राजेश की पत्नी नगमा ने पीजीआई थाने में तहरीर दी है। नगमा ने बताया है कि उनके पति बच्चे के साथ जन्माष्टमी के कार्यक्रम में शामिल होने वरदानी हनुमान मंदिर तेलीबाग जा रहे थे। उसी समय कैंट की तरफ से एक बेकाबू स्कॉर्पियो (UP 32 PZ 3317) ने उन लोगों को टक्कर मार दी। पति राजेश गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के खड़े लोगों ने कार चालक को रोकने की कोशिश की तो उसने गाड़ी बैक करके उन लोगों पर भी गाड़ी चढ़ा दी। उसकी गाड़ी लहरा रही थी प्रत्यक्षदर्शी सुरेश ने बताया- कुछ लोग जन्माष्टमी मनाने जा रहे थे। उसी समय एक नई उम्र का लड़का नई स्कॉर्पियो लेकर पीछे से सबके ऊपर चढ़ाता चला गया। इस दौरान उसने डिवाइडर पर भी गाड़ी चढ़ा दी। भीड़ उसके आगे आ गई तो वह गाड़ी बैक करते हुए कुछ गाड़ियों को ठोकता हुआ चला गया। उसके बाद फिर आगे को बढ़ाते हुए कुछ और लोगों को रौंदता चला गया। उसकी गाड़ी लहरा रही थी। आगे जाकर पकड़ा गया। 10 घायलों में 4 की पहचान, 1 अज्ञात सभी घायल तेलीबाग क्षेत्र के निवासी हैं। अब तक आनंद प्रकाश वर्मा, उनके बेटे नौ साल के आरुष वर्मा, एक अन्य बच्चे युवराज और राजेश की पहचान हुई है। एक घायल की पहचान नहीं हो सकी है। वहीं, अन्य 5 घायलों को मामूली चोट थी जो फर्स्ट एड कराकर अपने घर चले गए। ड्राइवर पर लूट, हत्या, धमकी के 8 मुकदमे दर्ज पीजीआई इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया- ड्राइवर की पहचान सागर उर्फ अक्षय सिंह के रूप में हुई है। वह नशे में गाड़ी चला रहा था। आरोपी के खिलाफ लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में लूट, हत्या और धमकी के 8 मुकदमे दर्ज हैं। अभी बाकी की पूछताछ की जा रही है। गाड़ी पर राजनीतिक पार्टी का झंडा लगे होने की भी पड़ताल की जा रही है। ———————– ये खबर भी पढ़िए… ड्राइवरों को पता ही नहीं, आधार कार्ड लगाना है:लखनऊ में अवैध रूप से दौड़ रहे 1 लाख से ज्यादा ऑटो-ई-रिक्शा; महिलाएं असुरक्षित परिवहन विभाग ने जून में महिला सुरक्षा को लेकर एक योजना तैयार की। महिलाओं की सुरक्षा-व्यवस्था और मजबूत करने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा, ओला-उबर आदि टैक्सियों में वाहन चालकों का नाम, आधार और मोबाइल नंबर साफ-साफ बड़े अक्षरों में लिखवाने का आदेश जारी किया। इसके लिए 31 जुलाई डेडलाइन तय की गई है, लेकिन यह योजना पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई। अब भी 1 लाख से ज्यादा ऑटो, ई-रिक्शा, ओला-उबर और अन्य टैक्सियां बिना इस नियम का पालन किए अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रही हैं। (पूरी खबर पढ़िए)
लखनऊ में स्कॉर्पियो सवार ने 10 लोगों पर चढ़ाई कार:3 की हालत गंभीर; ड्राइवर ने डेढ़ किमी दौड़ाई गाड़ी, सिपाही से भिड़ा
