सलीम वास्तिक बोले- एक्स मुस्लिम होने से हमला हुआ:एक-दो आदमी कौम को बदनाम करते हैं, सनातन न मानना बेवकूफी

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एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक पर गाजियाबाद के लोनी स्थित घर में 27 फरवरी को हमला हुआ था। शरीर पर 14 बार चाकू मारे गए थे। गर्दन पर भी वार हुए थे। एक महीने तक तक वह दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहे, दो ऑपरेशन हुए। वारदात के बाद सीएम योगी ने कहा था- दोषियों को बख्शेंगे नहीं। पुलिस ने दावा किया था कि सलीम वास्तिक इस्लाम धर्म पर वीडियो बनाते थे। अपने ज्यादातर वीडियो में वह धर्म की कमियां बताते थे। इसी वजह से जीशान और गुलफाम ने उन पर हमला किया था। बाद में दोनों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। सलीम इलाज के बाद अब बोलने लगे हैं। उनकी सुरक्षा में 24 घंटे 4 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। दैनिक भास्कर ने सलीम वास्तिक से खास बातचीत की। हूबहू पढ़िए… सवाल: हमले वाले दिन का पूरा वाकया क्या था?
जवाब: मैं सुबह के वक्त सोफे पर लेटा था। दो आदमी आए। मैंने सोचा लोकल होंगे। पहले भी लोग आते रहते थे। वो बात करने लगे। मैंने कहा आ जाओ बैठो.. बोलो क्या बात है? इतने में दोनों ने चाकू और ब्लेड निकाले। मुझ पर हमला बोल दिया। मैंने हिम्मत करते हुए एक का गला पकड़ लिया। मैंने लात मारी, घूसे भी मारे। लेकिन, दोनों ने मेरे हाथ-पैर पकड़कर हमला कर दिया। एक ने टेबल पकड़कर मारनी शुरू कर दिया, जिससे मैं कमजोर पड़ गया। लेकिन, हिम्मत अंत तक रही। मैं नहीं चाहता कि मुसलमान ऐसा काम करें। मैं चाहता हूं कि मुसलमान इज्जत का काम करें। दोनों ने बहुत बुरा काम किया। एक-दो आदमी होते हैं, लेकिन पूरी मुसलमान कौम को बदनाम करते हैं। ये बाहर के देश हमारे मुसलमानों को भटकाकर गलत काम में लगा रहे हैं। मैं मुसलमान कौम का हितैषी हूं। चाहता हूं, ये इज्जत का काम करें। हिंदुस्तान में अपनी पहचान बनाएं, इज्जत कमाएं। अफसर बनें और अपनी पहचान बनाएं। नौकरियों में जाएं। सवाल: एक्स मुस्लिम होने पर आप पर हमला हुआ?
जवाब: देखिए एक्स मुस्लिम होने का मतलब है, हमने इस्लाम को छोड़ दिया। मैंने इस्लाम को छोड़ दिया, लेकिन मुसलमानों को नहीं छोड़ा। मेरा पूरा खानदान मुसलमान है। मैंने इस्लाम के इंस्ट्रेक्चर को छोड़ा है। बाकी मैं उन्हीं के साथ खड़ा हूं। चाहता हूं कि वो पढ़ाई-लिखाई करें। सवाल: क्या आपने सोचा था कि बच जाएंगे?
जवाब: मुझमें हिम्मत थी, मुझे लगा कि कई जगह से मैं कट चुका हूं। मुझे एक सेकेंड भी नहीं लगा कि मैं मर जाऊंगा। ऐसा नहीं लगा कि मरूंगा और मरा भी नहीं। जितना बचाव करना था, मैंने किया। जब वह हमला कर रहे थे, मैंने बचाव में पूरा काम किया। उन्होंने लोहे का स्टूल भी उठाकर मुझे मारा। सवाल: हमला करने वाले दोनों भाई एनकाउंटर में मारे गए?
जवाब: मुझे दोनों के मरने का दुख है। हो सकता है कि उनकी शादी हो रखी हो। उनके भी बच्चे हों। मुझे दुख है कि उनके बच्चे तड़प रहे होंगे। उन्होंने किसी के बहकावे में आकर ऐसा काम किया कि सरकार को यह कदम उठाना पड़ा। मुझे दुख है कि दो इंसान मजहब के बहकावे में आकर खुद भी मारे गए। अपने परिवार को भी खत्म कर गए। इस्लाम यह कब कहता है कि तुम इस तरह का काम करो। अल्लाह पर यकीन है, तो उसकी ताकत पर भी यकीन होना चाहिए। अल्लाह के बारे में कुछ बोल रहे हैं तो सोचना चाहिए कि अल्लाह जहन्नुम भेज सकता है। इनके लिए ही जहन्नुम बनाया है। किसी भी मुसलमान को ऐसा नहीं करना चाहिए। सवाल: यूट्यूब चैनल चलाते हैं…क्या इसलिए हमला हुआ?
जवाब: इसी वजह से हमला हुआ है, क्योंकि हम कट्‌टरपंथियों के खिलाफ बोलते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ बोलते हैं तो वे लोग अपनी तरफ खींचते हैं। मुझ पर हमला कट्‌टरपंथियों के बहकावे में आकर किया। उन्हें ऐसा काम नहीं करना चाहिए था। सवाल: क्या आप सनातन का समर्थन करते हैं?
जवाब: जितने भी जीव हैं, सब सनातनी हैं। सनातन का मतलब है कुदरत। हम कुदरत की देन हैं। सनातन मजहब नहीं, कुदरत है। उसे न मानना बेवकूफी है। हम धर्म को भी मानते हैं। आप मेरे घर पर आएं, आपकी सेवा करना मेरा धर्म है। मेरे मां-बाप हैं। उनकी सेवा करना मेरा धर्म है। पड़ाेसियों की देख-रेख करना मेरा धर्म है। सवाल: क्या आपको अभी भी खतरा है?
जवाब: देखो बेवकूफ लोगों की कमी नहीं, जिहादियों की भी कमी नहीं है। इसीलिए सरकार ने मुझे सुरक्षा दे रखी है। मेरे पास सुरक्षा में पुलिस तैनात है। लेकिन, मैं सुरक्षा लेकर खुश नहीं हूं। पहले भी मुझ पर हमला हुआ। मैंने पहले भी सुरक्षा हटाई थी, अब नहीं हटाऊंगा। मैं अपनी नस्ल और मुसलमान भाइयों को समझाता रहूंगा। जिंदगी भर समझाता रहूंगा। सवाल: हमले के समय को भूल पाएंगे क्या?
जवाब: मुश्किल है, मैं हमले के समय को नहीं भूल पाऊंगा। इससे पहले भी कश्मीर में मुझ पर हमला हुआ। तीन आदमी थे। एक्स मुस्लिम समीर और अहसान भी मेरे साथ थे। मैं वहां से भी मौत के मुंह से वापस आया था। वहां भी हमारा कुछ नहीं हुआ। सरकार और इंडिया की पब्लिक है, वहां से हमें किसी तरह पुलिस ने सेफ निकाला था। यह उस समय की घटना है, जब पहलगांव के अंदर 27 लोग मारे गए थे। सवाल: सरकार की सहायता से क्या संतुष्ट हैं?
जवाब: जो हमारी यूपी पुलिस है, उसने इतनी तेजी से काम किया है, ऐसा किसी भी स्टेट की पुलिस नहीं करती। इतनी तेजी से हमलावरों को कैप्चर किया। मुझे खुद समझ नहीं आ रहा, मुझे भी मेडिकल प्रोवाइड किया। 100 प्रतिशत गाजियाबाद पुलिस ने मेरी जान बचाई है। मेरे बच्चों ओर मेरे परिवार का ध्यान रखा। मैं पुलिस का यह अहसान कभी नहीं भूल पाऊंगा। ————————– ये खबर भी पढ़ें… भाभी ने गंगाजल लेकर कसम खाई, प्रेमी ने गला रेता, रिश्ता तोड़ने पर वारदात की; गोरखपुर में देवर ने समझाने के लिए बुलाया था गोरखपुर में महिला की गला रेतकर हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, महिला खुशबू (28) और हत्यारोपी सीताराम (28) के बीच अफेयर था। खुशबू के घरवालों को जानकारी हुई तो उन्होंने दोनों को समझाया। 3 बार पंचायत भी हुई। सीताराम का घर खुशबू के घर से महज 500 मीटर की दूरी पर है। इस वजह से खुशबू के देवर जितेंद्र (26) और सीताराम के बीच अच्छी दोस्ती थी। बुधवार को जितेंद्र ने पहले भाभी से बात की। फिर सीताराम को समझाने के लिए बुलाया। दोनों को आमने-सामने खड़ा किया। पढ़ें पूरी खबर