अदालत ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब याचिकाकर्ता स्वयं एक ‘संदिग्ध आरोपी’ है तो पुलिस सुरक्षा मांगने के पीछे उसका क्या औचित्य है. बता दें कि कोटद्वार में बीते 26 जनवरी को हुई एक घटना के संबंध में कुमार के खिलाफ दंगा करने, चोट पहुंचाने और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.
आरोपी कैसे सुरक्षा मांग सकता है…? ‘मोहम्मद दीपक’ को हाईकोर्ट ने लगाई डांट, याचिका पर की सुनवाई
