हरियाणा BJP के ‘शैडो प्लान’ में बड़ी चूक:विपक्षी विधायकों के हलकों पर ध्यान नहीं; एक दर्जन मंत्री और विधायक रडार पर

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हरियाणा में 2029 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर तैयार किए गए बीजेपी के शैडो प्लान की रिपोर्ट अच्छी नहीं आई है। पार्टी के 12 ऐसे नेता हैं, जो अपने हलकों को छोड़कर विपक्षी दलों के विधायकों के यहां एक्टिव नहीं हो रहे हैं। इनमें मंत्री और विधायकों के नाम शामिल हैं। हाल ही में हुई पार्टी की एक स्टेट लेवल मीटिंग में इसको लेकर शीर्ष नेतृत्व ने नाराजगी जाहिर की और दो टूक कहा है कि अब राजनीति अपने क्षेत्र तक सीमित रहने वाली नहीं है। पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों और विधायकों को दो टूक संदेश दे दिया है कि जो नेता सिर्फ अपनी विधानसभा तक सिमटकर रहेंगे, वे रणनीति का हिस्सा नहीं माने जाएंगे। पार्टी खासतौर पर उन मंत्रियों और विधायकों से नाराज बताई जा रही है, जिन्हें विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में ‘शैडो विधायक’ की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे वहां अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा सके। सूत्रों के मुताबिक, ऐसे नेताओं की संख्या करीब एक दर्जन है और उनकी कार्यशैली पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के रडार पर है। यहां पढ़िए क्या है बीजेपी का शैडो प्लान… लॉन्ग-टर्म रणनीति लॉन्ग-टर्म हरियाणा में शैडो विधायक प्लान BJP की एक लॉन्ग-टर्म चुनावी रणनीति है, जिसके तहत पार्टी अपने मंत्रियों और विधायकों को विपक्षी विधायकों की विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंप रही है। इसके तहत एक BJP नेता = अपनी विधानसभा + एक विपक्षी विधायक की विधानसभा दोनों में समान रूप से सक्रिय रहेगा। शैडो विधायक की भूमिका क्या होगी? BJP नेतृत्व ने साफ निर्देश दिए हैं कि शैडो विधायक विपक्षी विधायक के क्षेत्र में स्थायी मौजूदगी, नियमित दौरे, कार्यकर्ता बैठकों, सामाजिक और स्थानीय कार्यक्रमों में भागीदारी करेगा, ताकि जनता को लगे “यह नेता भी हमारे बीच है।” सरकार की योजनाओं का ग्राउंड प्रमोशन जीरामजी/ मनरेगा, पेंशन, राशन, आवास, रोजगार योजनाओं से बीजेपी लाभार्थियों को सीधे जोड़ना चाहती है। ग्राउंड पर नेताओं के एक्टिव रहने से विपक्ष के “भेदभाव” वाले आरोपों को ये आसानी से खारिज कर पाएंगे। कांग्रेस विधायक की घेराबंदी बीजेपी इस प्लानिंग के जरिए स्थानीय मुद्दों पर सवाल उठा सकेगी, विकास कार्यों की तुलना, आपका विधायक क्या कर रहा है?” वाला नैरेटिव सेट करेगी। इसका मतलब साफ है कि विपक्षी विधायक को लगातार डिफेंस पर रखना। 2029 के लिए संगठन तैयार करना इसके अलावा बीजेपी इस प्लान के जरिए बूथ स्तर पर अपनी पकड़ को मजबूत कर सकेगी। BLA-2 की नियुक्ति में स्थानीय चेहरे और संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने में आसानी होगी। यानी बीजेपी ये भी तय कर रही है कि चुनाव से पहले नहीं, अभी से टिकट मैनेजमेंट। ये मिला है मंत्री-विधायकों को टास्क हरियाणा बीजेपी की ओर से सभी मंत्रियों और विधायकों को टास्क भी दिए गए हैं। अपनी विधानसभा में 5 सम्मेलन करने होंगे। इसके अलावा यही पांच सम्मेलन विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में भी आयोजित करने होंगे। इन सम्मेलनों में योजनाओं के लाभ, सरकारी आंकड़े और ठोस तथ्यों के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया जाएगा। क्यों बनाया बीजेपी ने ये प्लान…ये चार वजहें 1. 42 हारी हुई सीटों को रिकवर करने की तैयारी BJP, 2024 में जिन 42 विधानसभा सीटों पर हारी है, पार्टी उन्हें “लॉस्ट जोन” नहीं बल्कि रिकवर करने योग्य सीटें मान रही है। शैडो विधायक उसी इलाके में लगातार मौजूद रहकर संगठन को खड़ा करेंगे। इसके अलावा ये शैडो विधायक लोगों के बीच जाकर स्थानीय मुद्दों की फाइल बनाएंगे। 2029 से पहले ही विपक्षी विधायक की पकड़ कमजोर करेंगे। इसका मतलब है कि चुनाव से पहले नहीं, अभी से बीजेपी माहौल बदलना चाहती है। 2. एंटी-इंकम्बेंसी को डायल्यूट करने का फॉर्मूला हरियाणा बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व यह जानता है कि सरकार में रहते हुए स्वाभाविक रूप से एंटी-इंकम्बेंसी आती है। शैडो प्लान से BJP सरकार और संगठन को अलग-अलग चेहरा दे रही है। ये नाराजगी को सिर्फ सत्ताधारी विधायक पर सीमित नहीं रहने दे रही, हम आपके बीच हैं का नैरेटिव मजबूत कर रही है। इससे सत्ता विरोधी माहौल की धार कमजोर होती है। 3. कांग्रेस के नैरेटिव को शुरुआत में ही काउंटर करना हरियाणा में कांग्रेस इन दिनों जीरामजी जैसी योजनाओं को लेकर सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, भेदभाव का नैरेटिव गढ़ने में लगी है। BJP का ये शैडो प्लान जमीनी स्तर पर डेटा और लाभार्थियों के साथ जवाब देने का काम करेगा। विपक्षी विधायक के ही क्षेत्र में कांग्रेस के आरोपों को चुनौती देगा। मीडिया, सोशल और ग्राउंड तीनों मोर्चों पर कंट्रोल बनाएगा। नैरेटिव बनने से पहले ही नैरेटिव तोड़ने की बीजेपी की ये रणनीति है। 4. निकाय चुनाव ये 2029 का सेमीफाइनल हरियाणा बीजेपी ये शैडो प्लान के जरिए निकाय चुनाव में भी बेहतर परिणाम देने का प्लान कर रही है। बीजेपी के नेता ये मान रहे कि पंचकूला, सोनीपत, अंबाला जैसे शहरी निकाय चुनाव BJP के लिए 2029 का ट्रायल रन हैं। शैडो विधायक के जरिए शहरी वोटर का माइंडसेट पढ़ेंगे। बूथ मैनेजमेंट और BLA-2 नेटवर्क मजबूत करेंगे। इसके अलावा जीतने योग्य चेहरों की पहचान करेंगे। यानी 2029 की स्क्रिप्ट निकाय चुनाव से लिखी जा रही है।