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कितने पढ़ें-लिखें हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, रखते हैं ये डिग्री

INT News25 July 2026 at 11:08 pm

Pralhad Joshi Education Qualification: नीट पेपर लीक से उपजे विवाद के बाद आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा. आज 25 जुलाई को दोपहर में धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी संभालेंगे. नए शिक्षा मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी मिलने के बाद छात्रों और शिक्षा जगत की नजरें उन पर टिक गई हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि देश के नए शिक्षा मंत्री की शैक्षणिक योग्यता क्या है और उन्होंने कहां तक पढ़ाई की है.

प्रह्लाद जोशी की पहचान एक अनुभवी राजनेता के तौर पर रही है, लेकिन शिक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी पढ़ाई-लिखाई और एजुकेशनल बैकग्राउंड को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.

कितने पढ़े-लिखे हैं प्रह्लाद जोशी?

प्रह्लाद जोशी ने अपनी शुरुआती शिक्षा हुबली (कर्नाटक) के रेलवे स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने हुबली के ही न्यू इंग्लिश स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा मैट्रिक/इंटर की पढ़ाई किया. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए हुबली स्थित के.एस. आर्ट्स कॉलेज (KS Arts College) में एडमिशन लिया, जो कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से एफिलिएटेड है. यहां से उन्होंने वर्ष 1983 में बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री हासिल की है.

उनका एजुकेशनल बैकग्राउंड आर्ट्स स्ट्रीम से जुड़ा रहा है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में कदम रखा. लंबे समय तक अलग-अलग जिम्मेदारियों को संभालने के दौरान उन्हें प्रशासनिक कामकाज का अनुभव भी मिला.

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नए शिक्षा मंत्री से छात्रों की क्या उम्मीदें?

शिक्षा मंत्रालय देश के करोड़ों छात्रों से सीधे जुड़ा हुआ मंत्रालय है. स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं तक कई बड़े फैसले इसी मंत्रालय के स्तर पर लिए जाते हैं.

प्रह्लाद जोशी के सामने अब शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी होगी. खासकर परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों की समस्याओं का समाधान और शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाना उनकी बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है.

शिक्षा जगत की रहेगी नए मंत्री के फैसलों पर नजर

नए शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच भरोसा मजबूत करना होगी. आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर उनके फैसलों और नीतियों पर छात्रों, शिक्षकों और शिक्षाविदों की नजर रहेगी.

प्रह्लाद जोशी का एजुकेशनल बैकग्राउंड और प्रशासनिक अनुभव अब शिक्षा मंत्रालय में किस तरह काम आता है, यह आने वाला समय बताएगा.

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