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Gujarat: पुलिसकर्मी ‘दंपति’ अब नहीं रहेंगे दूर, एक साथ 415 पुलिसकर्मियों का तबादला

Ahmedabad. गुजरात पुलिस के इतिहास में पहली बार पुलिस बेड़े में तैनात पति-पत्नी की पारिवारिक समस्याओं को दूर करने के लिए एक बड़ा और मानवीय निर्णय किया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए एक साथ 415 पुलिस कर्मचारियों की स्व-याचिका (स्व-विनंती) पर तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले से अब एक ही महकमे या सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को एक-दूसरे से दूर नहीं रहना पड़ेगा। पुलिस महकमे में अपनी कठिन ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को अक्सर अपने परिवारों से दूर रहना पड़ता है। अलग-अलग जिलों या इकाइयों में तैनाती के कारण पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने के बावजूद वे एक-दूसरे से अलग रहने को मजबूर होते हैं। इससे पारिवारिक जिम्मेदारियों, बच्चों के पालन-पोषण और दांपत्य जीवन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक ने पुलिस कर्मचारियों की याचिकाओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर यह ऐतिहासिक फैसला किया है। 6 अलग-अलग कैडर के कर्मचारी हैं शामिल राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से शनिवार को दी गई जानकारी में बताया कि जारी तबादला सूची में कुल 6 अलग-अलग कैडर के 415 पुलिसकर्मियों को लाभ दिया गया है। गैर हथियारधारी और हथियारधारी कैडर के 27 सहायक उप-निरीक्षक (एएसआइ), गैर हथियारधारी और हथियारधारी कैडर के 33 हेड कांस्टेबल, 226 गैर हथियारधारी पुलिस कांस्टेबल और हथियारधारी 129 कांस्टेबल शामिल हैं। ड्यूटी और परिवार के बीच बनेगा बेहतर तालमेल डीजीपी के इस फैसले से पुलिसकर्मियों में उत्साह है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पुलिस सेवा में मानसिक तनाव को कम करने और पारिवारिक संतुष्टि बढ़ाने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। अब पुलिसकर्मी अपने परिवार के करीब रहकर अपनी ड्यूटी और पारिवारिक जीवन के बीच बेहतर संतुलन बना सकेंगे।