Thursday, 2 July 2026
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मंत्री विजयवर्गीय बोले- इस बार 21 लाख पेड़ लगाएंगे:कहा- हमने पानी की कद्र नहीं की; लेटर के सवाल पर बोले- चैप्टर ही क्लोज हो गया

INT News2 July 2026 at 12:05 am

इंदौर में एक बार फिर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इसे लेकर बुधवार को एआईसीटीएसल ऑफिस में मीटिंग हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक मधु वर्मा, विधायक महेंद्र हार्डिया, नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल, जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा, जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर सहित कई जनप्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के लोग इसमें शामिल हुए। हालांकि इस मीटिंग में महापौर सहित कई विधायक शामिल नहीं हुए। सभी पेड़ जिंदा रहे इसकी कोशिश करेंगे इधर, मीटिंग के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कैसे हम 21 लाख पेड़ लगा सकते हैं, ये मार्गदर्शन लेने आया था। नगर निगम और सभी शासकीय ऑफिसों से भी सहयोग लेंगे। साथ में एनजीओ के साथ भी चर्चा की है, बाकि सामाजिक संगठन, समाज के साथ बैठेंगे। इस बार 21 लाख पेड़ लगाएंगे और सभी पेड़ जिंदा रहे, इसकी हम कोशिश करेंगे। देवगुराड़िया के पास की टेकरी पर लगाए जाएंगे 1 से 2 लाख पेड़ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह पिछली बार रेवती रेंज में पौधारोपण कर पितृ पर्वत विकसित किया गया था, उसी तरह अब देवगुराड़िया के पास स्थित एक टेकरी को हराभरा बनाया जाएगा। यहां 1 से 2 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि 5 फीट से बड़े पौधे लगाए जाएं, ताकि उनके जीवित रहने (सर्वाइवल) की संभावना अधिक रहे। उन्होंने कहा कि इंदौर को वृक्षारोपण में देश का नंबर-1 शहर बनाया जाएगा। 5 से 10 फीट ऊंचे पौधों की मांग मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ एनजीओ और औद्योगिक घरानों से उनके सीएसआर के तहत सहयोग मांगा गया है। उनसे 5 से 10 फीट ऊंचे पौधे उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में पेड़ों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "एक समय था जब 100 से 150 फीट पर पानी मिल जाता था, लेकिन आज 700 फीट नीचे जाने पर भी पानी नहीं मिल रहा। इसकी वजह यह है कि हमने पानी की कद्र नहीं की और बारिश का पानी बह जाने दिया। अब आर्टिफिशियल वॉटर रिचार्ज पर गंभीरता से काम करना होगा। छत का पानी जमीन में उतारें उन्होंने कहा कि इंदौर में जिन लोगों के मकान की छत करीब 1500 वर्गफीट है, वे 5 से 7 हजार रुपए खर्च कर छत के बारिश के पानी को जमीन में उतारने की व्यवस्था करें। इससे भूजल स्तर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था करने वालों को नगर निगम टैक्स में भी छूट देगा। यह पानी भविष्य की पीढ़ियों के काम आएगा। यदि इंदौर को अगले 100 वर्षों तक रहने योग्य बनाना है, तो इसकी तैयारी अभी से करनी होगी। इसी सोच के साथ यह अभियान चलाया जा रहा है। पिछली बार वन विभाग ने सहयोग नहीं दिया था मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार वन विभाग ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। पिछली बार वन विभाग ने सहयोग से हाथ खींच लिया था, लेकिन इस बार विभाग के अधिकारी स्वयं बैठक में आए और पूर्ण सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा, "हमने 51 लाख पौधे लगाए। पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना इंदौर की जनता ने अपना दायित्व समझा। हम शहरवासियों के आभारी हैं कि वे ऐसे अभियानों में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र के सवाल पर उन्होंने कहा- खत्म हो गया वो तो, चैप्टर ही क्लोज हो गया है।