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CWG में भारत का गोल्डन पंच: एक दिन में बॉक्सिंग में इंडिया को 7 सोना, 3 चांदी

CWG 2026: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों का 10वां दिन भारतीय मुक्केबाजों के नाम रहा. रिंग में उतरे 10 भारतीय बॉक्सरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक अपने नाम किए. भारतीय मुक्केबाजों ने पूरे अभियान का अंत 7 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ किया. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत के कुल पदकों की संख्या 37 हो गई, जिसमें 13 स्वर्ण, 16 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं.
प्रीति ने दिलाया पहला गोल्ड
भारत की स्टार मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिला 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को हराकर भारत का पहला स्वर्ण पदक दिलाया. उन्होंने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की.
जैसमीन ने दिखाया विश्व चैंपियन वाला दम
महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन लंबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को हराकर भारत को दूसरा स्वर्ण दिलाया. जैसमीन ने पूरे मुकाबले में संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया.
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जादूमणि को मिला रजत
पुरुष 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जादूमणि सिंह ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हार गए। उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा.
बॉक्सिंग में भारत का प्रदर्शन
साक्षी ने बढ़ाई गोल्ड की संख्या
महिला 51 किग्रा वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर भारत के लिए तीसरा स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार नियंत्रण बनाए रखा.
प्रिया की दमदार वापसी
महिला 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रिया घंघास ने पहला राउंड गंवाने के बाद शानदार वापसी की और कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिएह को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर गोल्ड अपने नाम किया.
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अरुंधति ने भी जीता सोना
महिला 70 किग्रा वर्ग में अरुंधति चौधरी ने बेहतरीन मुक्केबाजी का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने फाइनल में शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी.
लवलीना गोल्ड से चूकीं
भारत को सबसे ज्यादा उम्मीद ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन से थी. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के खिलाफ कड़ा मुकाबला खेला, लेकिन स्प्लिट फैसले में हार गईं और रजत पदक उनके हिस्से आया.
सचिन ने पलटा हारा हुआ मुकाबला
पुरुष 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में सचिन सिवाच ने शानदार वापसी करते हुए नामीबिया के ट्रायअगेन मॉर्निंग एनडेवेलो को 3-2 के स्प्लिट फैसले से हरायाप. हले दो राउंड में पिछड़ने के बावजूद उन्होंने निर्णायक राउंड जीतकर भारत को छठा स्वर्ण दिलाया.
अंकुश ने दिलाया सातवां गोल्ड
पुरुष 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को हराकर भारत की झोली में सातवां स्वर्ण डाला. शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और निर्णायक राउंड अपने नाम किया.
नरेंद्र को सिल्वर से संतोष
दिन के आखिरी मुकाबले में नरेंद्र बनवाल पुरुष 90+ किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के डेमर थॉमस से हार गए। उन्हें रजत पदक मिला. हालांकि, उनकी हार के बावजूद भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लास्गो में 7 स्वर्ण और 3 रजत के साथ ऐतिहासिक अभियान का समापन किया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सबसे सफल बॉक्सिंग अभियानों में से एक बन गया.
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