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भोपाल में टॉर्च की रोशनी में रहवासियों का प्रदर्शन:बोले- अवैध निर्माण हटाओ, आवासीय क्षेत्र बचाओ
आवासीय कॉलोनियों में बढ़ते अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के विरोध में रविवार रात रहवासियों ने टॉर्च लाइट मार्च निकाला। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के आह्वान पर 50 से ज्यादा रहवासी समितियों के प्रतिनिधि अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर जुटे। यहां से करीब दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए लोग वंदे मातरम् चौराहे तक पहुंचे। हाथों में टॉर्च लेकर रहवासियों ने "अवैध निर्माण हटाओ, आवासीय क्षेत्र बचाओ" का संदेश दिया।
मार्च में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा भी शामिल हुए। रहवासियों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नगर निगम की ओर से अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। एक सर्वे के बाद दोबारा सर्वे क्यों? रहवासियों का कहना है कि नगर निगम पहले ही सर्वे करा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में अवैध निर्माण सामने आए थे और इसकी जानकारी न्यायालय को भी दी गई। इसके बावजूद कार्रवाई करने के बजाय दोबारा सर्वे कराया जा रहा है। समिति ने सवाल उठाया कि इससे कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है और क्या इससे रसूखदार लोगों को फायदा पहुंच रहा है। खाली व्यावसायिक परिसरों में दुकानें शिफ्ट करने का सुझाव समिति ने मास्टर प्लान के आधार पर कार्रवाई में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। रहवासियों के अनुसार अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पहले से पर्याप्त स्थान मौजूद हैं। नगर निगम, बीडीए और हाउसिंग बोर्ड की ओर से बनाए गए मेट्रो प्लाजा, मानसरोवर कॉम्प्लेक्स, मेट्रो वॉक और फुले भवन जैसे व्यावसायिक परिसरों में कई स्थान खाली हैं।
समिति ने सुझाव दिया कि आवासीय क्षेत्रों में चल रही दुकानों को इन परिसरों में व्यवस्थित तरीके से स्थानांतरित किया जा सकता है। इससे अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ शासन को राजस्व भी मिल सकता है। समिति ने टीटी नगर में स्मार्ट सिटी के नाम पर वर्षों से खाली पड़ी जमीन पर भी व्यवस्थित व्यावसायिक बाजार विकसित करने का सुझाव दिया। 50 से ज्यादा कॉलोनियां एकजुट अरेरा कॉलोनी के रहवासियों से शुरू हुई इस मुहिम को अब शहर की अन्य रहवासी समितियों का भी समर्थन मिल रहा है। गौतम नगर, विकास कुंज, कोलार रोड, नेहरू नगर, प्रियदर्शनी, रोहित नगर, रचना नगर, बावड़िया, साकेत नगर, भेल, कोटरा, लालघाटी, शक्तिनगर, शाहपुरा, गुलमोहर, डीके कॉटेज और ग्रीन सिटी सहित कई क्षेत्रों की समितियां संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति से जुड़ी हैं।
समिति के अनुसार पूर्व आईएएस कविन्द्र कियावत, पूर्णेंदु शुक्ला, सुभाष पांडे, मोहन खरपते, सोमकांत उमलकर, अपर्णा वशिष्ठ, शुभ्रा गोयल, नीरज गुलाटी, कमल राठी, याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी, लवनीश भाटी सहित अन्य लोग आगे की रणनीति तैयार करेंगे। निर्माणाधीन भवनों पर तत्काल रोक की मांग रहवासियों ने मांग की है कि आवासीय भूखंडों पर निर्माणाधीन ऐसे भवन, जिनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है या प्रस्तावित है, उन पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया गया तो अवमानना याचिका दायर करने का विकल्प अपनाया जाएगा।
समिति ने कहा कि यह मार्च केवल एक दिन का विरोध नहीं है। जरूरत पड़ने पर शहर की अन्य रहवासी समितियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। समिति का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों के मूल स्वरूप को बचाने के लिए आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… कॉलोनी में मॉल खुले...अब घर से निकलना मुश्किल हो गया भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। 15 सितंबर तक ऐसे आवासीय मकान ढूंढे जाएंगे, जहां कारोबार हो रहा है। शुरुआती आकलन में ऐसी 1 लाख प्रॉपर्टी हैं। सुप्रीम कोर्ट में भोपाल के जिस इलाके को लेकर आदेश है, भास्कर टीम वहां पहुंची। 10 नंबर मार्केट में प्रवेश करते ही ट्रैफिक जाम मिला।पूरी खबर पढ़ें