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धमतरी में परीक्षा दिए बिना 14 स्टूडेंट्स ATKT:कहा- कॉलेज ने पहले ही दी थी सूचना; पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी की लापरवाही का आरोप
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया गया है।। कुरुद के संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीए चतुर्थ सेमेस्टर के करीब 14 छात्रों को ऐसे विषय का परिणाम जारी कर दिया गया, जिसकी परीक्षा उन्होंने दी ही नहीं थी। उनके रिजल्ट में संबंधित विषय की जगह बी.कॉम विषय में ATKT दर्ज कर दी गई है। यह मामला बीए चतुर्थ सेमेस्टर के DSE-Money and Banking विषय से जुड़ा है। छात्रों के अनुसार, सेमेस्टर परीक्षा की समय-सारणी में इस विषय की परीक्षा 6 जुलाई 2026 को होनी थी, लेकिन परीक्षा के दौरान कॉलेज को इस विषय का प्रश्नपत्र नहीं मिला। इसके चलते छात्रों की यह परीक्षा नहीं हो सकी। कॉलेज प्रबंधन ने इस संबंध में विश्वविद्यालय को पहले ही पत्र लिखकर जानकारी दी थी। प्रश्नपत्र नहीं मिलने की विश्वविद्यालय को दी थी जानकारी कॉलेज के प्राचार्य ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भेजे पत्र में भी साफ किया था कि प्रश्नपत्र नहीं मिलने के कारण तय तारीख पर परीक्षा नहीं ली जा सकी थी। इसकी सूचना विश्वविद्यालय को पहले ही दी गई थी। इसके बावजूद 21 अगस्त 2026 को घोषित परीक्षा परिणाम में छात्रों को संबंधित विषय में परीक्षा देने से वंचित मानकर उनके परिणाम पर असर पड़ा। रिजल्ट में B.Com के साथ ATKT दर्ज छात्रों का आरोप है कि उन्होंने DSE-Money and Banking की परीक्षा दी ही नहीं। लेकिन रिजल्ट में इस विषय के स्थान पर B.Com विषय का उल्लेख करते हुए ATKT दर्ज कर दी गई। रिजल्ट आने के बाद प्रभावित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर मामले में तुरंत सुधार की मांग की है। छात्रों ने कहा कि परीक्षा नहीं देना उनकी गलती नहीं थी। बल्कि प्रश्नपत्र नहीं मिलने के कारण वे परीक्षा नहीं दे पाए थे। ऐसे में बिना परीक्षा दिए उन्हें ATKT देना उनके भविष्य के साथ गलत है। छात्रों ने मांग की है कि उनके परीक्षा परिणाम में दर्ज गलत विषय और ATKT को तुरंत सुधारा जाए। साथ ही DSE-Money and Banking विषय की परीक्षा दोबारा कराई जाए, ताकि सभी प्रभावित छात्रों को परीक्षा देने का मौका मिल सके। अगले सेमेस्टर में प्रवेश को लेकर चिंता छात्रों की एक बड़ी चिंता आगामी सेमेस्टर में प्रवेश को लेकर भी है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा और रिजल्ट सुधार की प्रक्रिया में समय लगता है तो उन्हें अगले सेमेस्टर में प्रवेश लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए विश्वविद्यालय से मांग की गई है कि परीक्षा परिणाम में सुधार के साथ-साथ अगले सेमेस्टर में प्रवेश के लिए छात्रों को पर्याप्त समय दिया जाए। छात्रों का कहना है कि वे अपनी गलती के कारण नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में हुई चूक के कारण प्रभावित हुए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द मामले का समाधान कर उनका भविष्य सुरक्षित करना चाहिए। कॉलेज प्रबंधन ने भी विश्वविद्यालय से निराकरण का आग्रह किया कॉलेज प्रबंधन ने भी विश्वविद्यालय को भेजे पत्र में छात्रों से प्राप्त आवेदन और संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भेजते हुए मामले का निराकरण करने का आग्रह किया है।