Monday, 24 August 2026
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पश्चिम बंगाल में 247 कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में बीजेपी के सांसद-विधायक, तृणमूल ने उठाये सवाल

INT News23 August 2026 at 10:39 pm

Bengal College Governing Bodies: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव शुरू हो गया है. उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि राज्य के 247 सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों की संचालन समितियों (Governing Bodies) में फेरबदल किया गया है. इनमें से लगभग 99 प्रतिशत कॉलेजों की प्रबंध समितियों की कमान स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों और विधायकों को सौंपी गयी है. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस कदम की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति से मुक्त करने के वादे को दिखावा करार दिया.

प्रमुख नियुक्तियां और शिक्षा विभाग का पक्ष

उच्च शिक्षा विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय को ईस्ट कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज तथा अग्निशमन सेवा राज्य मंत्री कौशिक चौधरी को रायगंज बीएड कॉलेज की गवर्निंग बॉडी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा है कि पहली सूची में 247 कॉलेजों को शामिल किया गया है. निर्वाचित स्नातक सांसदों और विधायकों को यहां जिम्मेदारी दी गयी है. शेष 200 कॉलेजों की दूसरी सूची जल्द जारी होगी, जिनमें शिक्षाविदों, प्रख्यात विद्वानों और समाजशास्त्रियों को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जायेगा.

रीतब्रत बनर्जी ने की शुभेंदु सरकार की आलोचना

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने राज्य सरकार के इस फैसले को दोहरी नीति करार दिया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी ने कहा है कि सरकार ने पहले शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक दखल खत्म करने का दावा किया था. लेकिन इस अधिसूचना से साफ है कि वादों और जमीनी फैसलों में कितना अंतर है.

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कुणाल घोष बोले- दोहरी नीति अपना रही भाजपा सरकार

ममता बनर्जी गुट के नेता और बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकाल के ढांचे की आलोचना करने वाली भाजपा खुद अब वही ‘राजनीतिक कब्जे’ का मॉडल अपना रही है. घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘दोहरी नीति’ अपना रही है. मुख्यमंत्री की पहले की घोषणा महज ‘जनता को दिखाने’ के लिए थी.

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शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा था?

अधिकारी ने पूर्व में कहा था कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के उलट, शैक्षणिक संस्थानों को ज्यादा स्वायत्तता देने की सरकारी कोशिशों के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में राजनीतिक नियुक्तियों को खत्म किया जायेगा.