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योगेश हत्याकांड में पत्नी समेत 4 दोषियों को उम्रकैद:6 साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला;कुल्हाड़ी से हमला कर शव कुएं में फेंका था
महासमुंद के खल्लारी थाना क्षेत्र के खुटेरी गांव में करीब छह साल पहले हुए योगेश कुमार सेन हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश मोनिका जायसवाल ने लेखराम उर्फ बाला पटेल, उसकी पत्नी भुवनेश्वरी पटेल, उमेश पटेल और सुरेश पटेल को हत्या का दोषी माना है। चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने चारों दोषियों पर धारा 302 के तहत एक-एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 201 के तहत चारों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास और 500-500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं चुकाने पर एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। मां से भुवनेश्वरी को लेने जाने की बात कहकर निकला था पुलिस के अनुसार, खुटेरी गांव निवासी योगेश कुमार सेन 26 नवंबर 2020 की रात करीब साढ़े 9 बजे अपनी मां से यह कहकर घर से निकला था कि वह भुवनेश्वरी पटेल को लेने उसके घर जा रहा है। इसके बाद योगेश घर वापस नहीं लौटा। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। कुएं में मिला था योगेश का शव योगेश के पिता बेदराम सेन ने 28 नवंबर को खल्लारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की जांच शुरू की। जांच के दौरान 29 नवंबर को खुटेरी के एक कुएं से एक युवक का शव मिला। शव की पहचान योगेश कुमार सेन के रूप में हुई। भुवनेश्वरी से प्रेम संबंध की बात सामने आई पुलिस जांच में योगेश और भुवनेश्वरी पटेल के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। पता चला कि योगेश जिस रात भुवनेश्वरी को लेने उसके घर जाने की बात कहकर निकला था, उसी रात उसकी हत्या कर शव लेखराम पटेल के घर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया गया था। टंगिया से हमला कर कुएं में फेंका था शव अभियोजन के मुताबिक, पुलिस ने लेखराम पटेल से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि लेखराम ने अपनी पत्नी भुवनेश्वरी, भाई उमेश और सुरेश के साथ मिलकर योगेश पर लोहे की टंगिया से हमला किया। घायल योगेश को कुएं में डाल दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की टंगिया सहित अन्य सामान जब्त किया। साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर फैसला जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने चारों आरोपियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
महासमुंद। खल्लारी थाना क्षेत्र के खुटेरी गांव में करीब छह साल पहले हुए योगेश कुमार सेन हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश मोनिका जायसवाल ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हत्या के मामले में लेखराम उर्फ बाला पटेल, उसकी पत्नी भुवनेश्वरी पटेल, उमेश पटेल और सुरेश पटेल को दोषी माना है। इन चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने चारों दोषियों पर धारा 302 के तहत एक-एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास काटना होगा। इसके अलावा, अदालत ने चारों आरोपियों को धारा 201 के तहत तीन-तीन साल के कठोर कारावास और 500-500 रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना नहीं चुकाने पर एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार, खुटेरी गांव का रहने वाला योगेश कुमार सेन 26 नवंबर 2020 की रात करीब साढ़े 9 बजे अपनी मां से यह कहकर घर से निकला था कि वह भुवनेश्वरी पटेल को लेने उसके घर जा रहा है। इसके बाद योगेश घर वापस नहीं लौटा। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। आखिरकार, योगेश के पिता बेदराम सेन ने 28 नवंबर को खल्लारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की जांच शुरू की। जांच के दौरान 29 नवंबर को खुटेरी के एक कुएं से एक युवक का शव मिला। शव की पहचान योगेश कुमार सेन के रूप में हुई। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो योगेश और भुवनेश्वरी पटेल के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। पता चला कि योगेश जिस रात भुवनेश्वरी को लेने उसके घर जाने की बात कहकर निकला था, उसी रात उसकी हत्या कर शव लेखराम पटेल के घर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया गया था।