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खड़गपुर आईआईटी की तकनीक से बदलेगी कचरा प्रबंधन की तस्वीर, जानें क्या है योजना

पश्चिम बंगाल सरकार ने ठोस कचरा प्रबंधन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आईआईटी खड़गपुर के तकनीकी सहयोग से मेदिनीपुर और खड़गपुर में दो आधुनिक पायलट परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी की है. परियोजना सफल होने पर इसे पूरे राज्य में लागू किया जायेगा.
'कचरे से संपदा' पर जोर
विधानसभा में पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि जैविक और अजैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर जैविक खाद व अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किये जायेंगे. सरकार ऐसी संस्था से बातचीत कर रही है, जो बिना सरकारी भुगतान के कचरा एकत्र कर उसका प्रसंस्करण करेगी. इससे भविष्य में लोगों को कचरा देने पर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी बनेगी.
आइआइटी तैयार करेगा तकनीकी मॉडल
आइआइटी खड़गपुर के निदेशक प्रो सुमन चक्रवर्ती ने बताया कि विशेषज्ञों ने परियोजना का प्रारूप तैयार कर लिया है. सरकारी मंजूरी के बाद राज्य सरकार और आइआइटी के बीच एमओयू होगा.
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आधुनिक प्रसंस्करण इकाई का निर्माण
मेदिनीपुर नगरपालिका के चेयरमैन सौमेन खान ने बताया कि धर्मा डंपिंग ग्राउंड में आधुनिक कचरा प्रसंस्करण इकाई का निर्माण जारी है. आइआइटी की तकनीकी विशेषज्ञता जुड़ने से व्यवस्था और अधिक पर्यावरण-अनुकूल व प्रभावी होगी. सरकार का मानना है कि इस मॉडल से प्रदूषण घटेगा, संसाधन तैयार होंगे और रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे.
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