Wednesday, 7 October 2026
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वेल्डिंग कारीगर ने वकीलों पर बदसलूकी करने और एएसआई पर

INT News7 October 2026 at 05:51 am

| अमृतसर कोर्ट कॉम्प्लेक्स पुलिस चौकी में एक वेल्डिंग कारीगर के साथ कथित तौर पर 25 वकीलों की ओर से गाली-गलौज करने, जातिसूचक शब्द बोलने और पुलिस मुलाजिम की ओर से डरा-धमकाकर गूगल पे के जरिए 1000 रुपए की रिश्वत लेने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि गलती न होने के बावजूद उसने चौकी में हाथ जोड़े और माफी मांगता रहा, लेकिन उसकी एक न सुनी गई। पुलिस कमिश्नर को दी गई शिकायत के बाद जांच तो शुरू की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हताश होकर पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगा। पुलिस के इस ढुलमुल रवैये और टालमटोल से परेशान होकर संदीप सिंह ने पुलिस प्रशासन को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संदीप ने भारी मन से कहा, "मुझे सरेआम मेरी जाति पर गालियां दी गईं, इसे मैं कैसे बर्दाश्त कर लूं? अगर अगले 5 दिनों में संबंधित पुलिस मुलाजिम और उस वकील पर मामला दर्ज नहीं किया गया और मुझे इंसाफ नहीं मिला, तो मैं सुसाइड कर लूंगा। "पीड़ित ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत 24 व 25 सितंबर की कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी की सीसीटीवी फुटेज और उस दुकान की सीसीटीवी फुटेज तुरंत सहेज कर निष्पक्ष जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। गांव शाहपुर (तहसील अजनाला) निवासी पीड़ित संदीप सिंह ने बताया कि वह वेल्डिंग का काम करता है और एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। संदीप ने बताया, "22 सितंबर को जब मैं अपनी गाड़ी से जा रहा था, तब एक कार ने मेरी गाड़ी को ओवरटेक करते हुए टक्कर मार दी। इसके बाद जब मुझे 24 सितंबर की शाम 4 बजे कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी में बुलाया गया, तो वहां करीब 25 वकील मौजूद थे। उन्होंने मेरे साथ जमकर गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्द कहे। उस वकील ने पुलिस के पास झूठा बयान दिया कि मैंने गाड़ी से निकलकर उसे पिस्तौल दिखाई, जबकि सच्चाई यह है कि मैं अपनी गाड़ी से बाहर निकला ही नहीं था। संदीप का आरोप है कि चौकी में उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और उसकी जेब की तलाशी ली गई तथा ड्राइविंग लाइसेंस छीन लिया गया। एएसआई ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और 10,000 रुपए की मांग की। जब उसने पैसे न होने की बात कही, तो उसे जबरन एक नजदीकी दुकान पर ले जाया गया और मोबाइल ऐप (यूपीआई) के माध्यम से 1000 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए