Wednesday, 22 July 2026
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दिल्ली में बागी सांसदों से भिड़े कल्याण बनर्जी, कुणाल घोष विधानसभा से मार्शल आउट और निलंबित

INT News22 July 2026 at 08:38 pm

Bengal Politics Chaos: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद पार्टी में फूट का असर संसद (लोकसभा) और पश्चिम बंगाल विधानसभा में दिखने लगा है. बुधवार (22 जुलाई) को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद ममता बनर्जी गुट और बागी नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसदों के बीच झड़प हुई. इसके बाद कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. कोलकाता में बंगाल विधानसभा के भीतर भी हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद टीएमसी विधायक कुणाल घोष को मार्शल की मदद से बाहर निकालकर दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया.

कल्याण बनर्जी और टीएमसी के बागी सांसदों में नोंकझोंक

लोकसभा में बुधवार को हंगामे के कारण सदन स्थगित होने के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी और बागी सांसदों (मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार) की नयी पार्टी नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसदों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई. अन्य सांसदों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ.

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काकोली की शिकायत पर निलंबित हुए कल्याण बनर्जी

घटना के तुरंत बाद मिताली बाग, काकोली घोष दस्तीदार और NCPI के अन्य सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में पहुंचे और कल्याण की शिकायत की. लिखित शिकायत मिलने के बाद स्पीकर ने कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया.

विधानसभा में मार्शल आउट हुए कुणाल घोष

पश्चिम बंगाल विधानसभा में गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को अभूतपूर्व हंगामा हुआ. हंगामा तब शुरू हुआ, जब नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी खेमे के मुख्य सचेतक अखरुज्जमां बोलने के लिए खड़े हुए. ममता बनर्जी के कालीघाट गुट के विधायक कुणाल घोष तुरंत उनकी माइक के सामने जाकर खड़े हो गये. आरोप लगाने लगे कि वक्ताओं की सूची से उनका नाम जान-बूझकर हटाया गया है.

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स्पीकर की चेतावनी के बाद भी शांत नहीं हुए कुणाल

अध्यक्ष रथींद्र बोस की बार-बार की चेतावनी के बावजूद जब घोष शांत नहीं हुए, तो अध्यक्ष ने मार्शल को उन्हें बाहर निकालने का निर्देश दिया. मार्शल के साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान कुणाल घोष लड़खड़ा भी गये. फिर उन्हें जबरन सदन से बाहर निकाला गया.

शुभेंदु अधिकारी का सुझाव और निलंबन

उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कुणाल घोष को पूरे सत्र के लिए निलंबित करने की मांग की, लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर ‘नायक’ बनाने की जरूरत नहीं है. एक दिन का निलंबन पर्याप्त होगा. इसके बाद सर्वसम्मति से उन्हें दिनभर के लिए निलंबित कर दिया गया.

ममता गुट के लोगों को न बोलने देने का आरोप

घटना के बाद कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी गुट के विधायकों को सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है. सूची से नाम जान-बूझकर टीएमसी कालीघाट गुट के लोगों के नाम काटे जा रहे हैं. टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विधायक को जबरन बाहर निकाले जाने को विधानसभा की ‘गरिमा और अखंडता’ पर हमला करार दिया.