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कांवड़ यात्रा में नकली नोट खपाने की साजिश, पंजाब से 20000 में खरीदे 2 लाख के नकली नोट; 10 अरेस्ट

धर्मनगरी हरिद्वार की भीड़ और यहां हर दिन पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को नकली नोट गिरोह आसान निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले सात दिनों में जिले में नकली नोटों के तीन मामलों का खुलासा हुआ है। इनमें दो मामले श्यामपुर थाना क्षेत्र और एक शहर कोतवाली क्षेत्र का है। तीनों मामलों में पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक लाख 85 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं।पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों मामलों में आरोपियों का मकसद हरिद्वार की भीड़भाड़ वाले बाजारों, दुकानों और छोटे कारोबारियों के बीच नकली नोट खपाना था। हरिद्वार में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में छोटे लेनदेन के दौरान नकली नोट आसानी से चलने की संभावना रहती है, जिसका फायदा उठाने की साजिश रची जा रही थी।जांच में क्या सामने आयाजांच में यह भी सामने आया है कि तीनों मामलों में नकली नोटों का कनेक्शन जिले के बाहर से जुड़ा है। श्यामपुर थाना क्षेत्र में पकड़े गए गिरोह के आरोपियों ने नकली नोट खुद तैयार किए थे और इसके लिए प्रिंटर समेत अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया था। वहीं शहर कोतवाली में पकड़े गए गिरोह के आरोपी नकली नोट पंजाब से लेकर आए थे।कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन पर गिरोह सक्रियपुलिस अधिकारियों का मानना है कि कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान हरिद्वार में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए ऐसे गिरोह सक्रिय होने का प्रयास करते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन गिरोहों के तार किन राज्यों और किन बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं, ताकि पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जा सके।पंजाब से 20 हजार में खरीदे थे एक लाख के नकली नोटहरिद्वार। कोतवाली नगर पुलिस सोमवार तड़के बिल्केश्वर तिराहे के पास संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मेला अस्पताल की ओर से चार युवक आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर चारों वापस मुड़कर तेजी से भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने पीछा कर उन्हें टिबड़ी तिराहे की ओर करीब 20-25 मीटर आगे घेरकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान सरजीत सिंह के कब्जे से 500 रुपये के 39 नकली नोट (19,500 रुपये), टिंकू से 43 नकली नोट (21,500 रुपये), सुमित कुमार से 41 नकली नोट (20,500 रुपये) और संजीव कुमार से 46 नकली नोट (23,000 रुपये) बरामद हुए। इस तरह चारों के कब्जे से कुल 169 नकली नोट, जिनकी कीमत 84,500 रुपये है, बरामद किए गए।इसके अलावा सरजीत सिंह के पास से 2,350 रुपये के असली नोट भी मिले, जिन्हें पुलिस के अनुसार नकली नोट चलाकर प्राप्त किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने गुरदासपुर में एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये देकर 500 रुपये के 200 नकली नोट खरीदे थे। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर इन नोटों को बाजार में चलाने की योजना बनाई थी।हरिद्वार में कुछ नकली नोट खपा चुकेउन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हरिद्वार पहुंचने के बाद कुछ नकली नोट पहले ही बाजार में चला चुके हैं, जिसके बदले मिले 2,350 रुपये उनके पास से बरामद हुए। पुलिस ने सभी नकली नोटों को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। चारों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति कौन है और इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।