समाचार · छत्तीसगढ़
जिला अस्पताल कैंटीन में दिखा जहरीला कोबरा:कोरबा में कर्मचारियों-मरीजों में हड़कंप, वाइल्डलाइफ टीम ने किया रेस्क्यू
कोरबा में लगातार हो रही बारिश के कारण सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बिलों में पानी भरने से विषैले और विषहीन सांप बड़ी संख्या में बाहर आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल परिसर की कैंटीन के पास कोबरा दिखाई देने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल की कैंटीन के समीप दीवार पर करीब 5 फीट लंबा कोबरा दिखाई दिया। उसे देखते ही वहां मौजूद कर्मचारी, मरीज और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। डर के कारण कई लोग इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की जानकारी तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई। सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद टीम के सदस्य शुभम निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित पकड़ा गया कोबरा शुभम निषाद ने पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़कर थैले में रखा गया। इसके बाद उसे अस्पताल परिसर से दूर जंगल के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। अस्पताल के पीछे जंगल होने से बना रहता है खतरा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अस्पताल के पीछे जंगल होने के कारण बरसात के दिनों में परिसर के आसपास अक्सर सांप दिखाई देते हैं। लोगों ने चिंता जताई कि यदि कोबरा मरीजों के वार्ड या ओपीडी तक पहुंच जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेस्क्यू टीम ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील रेस्क्यू के बाद जितेंद्र सारथी ने जिलेवासियों से बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण बिलों में पानी भरने से सांप घरों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच रहे हैं। 'सांप दिखे तो न मारें, न पकड़ने की करें कोशिश' जितेंद्र सारथी ने कहा, "अगर कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें और न ही भीड़ इकट्ठा करें। तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इससे वन्यजीव और आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।"
कोरबा में लगातार हो रही बारिश के कारण सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बिलों में पानी भरने से विषैले और विषहीन सांप बड़ी संख्या में बाहर आ रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिला अस्पताल परिसर की कैंटीन के पास एक जहरीला नाग दिखाई देने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल की कैंटीन के समीप दीवार पर करीब 5 फीट का नाग बैठा दिखाई दिया। इसे देखते ही वहां मौजूद कर्मचारी और मरीजों के परिजनों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की जानकारी तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई। सूचना के थोड़ी देर बाद रेस्क्यू टीम से शुभम निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले वहां मौजूद भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। इसके बाद शुभम निषाद ने पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद नाग को पकड़कर उसे सुरक्षित थैले में रखा गया। रेस्क्यू के बाद नाग को अस्पताल परिसर से दूर जंगल के प्राकृतिक रहवास में छोड़ दिया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि सांप काफी फुर्तीला था। अस्पताल के पीछे जंगल होने के कारण बारिश के दिनों में अक्सर परिसर के आसपास सांप देखे जाते हैं। लोगों ने चिंता जताई कि अगर सांप मरीजों के वार्ड या ओपीडी के अंदर निकल आता तो बड़ी घटना हो सकती थी। रेस्क्यू के बाद जितेंद्र सारथी ने जिलेवासियों से अपील की है कि बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि पानी भरने के कारण सांप अपने बिल छोड़कर घरों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर आ रहे हैं। सारथी ने बताया, "अगर कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें और न ही भीड़ इकट्ठा करें। तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। थोड़ी सी लापरवाही से जानलेवा हादसा हो सकता है। इससे वन्यजीव और आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।"