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चोरी की स्कॉर्पियो शराब के साथ मिली, फिर हुई नीलामी; मामले में नवादा डीटीओ का लिपिक गिरफ्तार

Stolen Vehicle Auction: चोरी की स्कॉर्पियो को शराब के साथ बरामद करने और बाद में उसकी नीलामी किये जाने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई तेज कर दी है. आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) में दर्ज प्राथमिकी संख्या 42/25 के मामले में जारी वारंट के आधार पर नवादा जिला परिवहन कार्यालय के लिपिक कन्हैया लाल को गिरफ्तार किया गया है. नगर थाना पुलिस के सहयोग से परिवहन कार्यालय से हुई गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है. गिरफ्तार लिपिक कन्हैया लाल, पिता रमाकांत तिवारी, पटना के बेऊर के रहने वाले हैं.
गोपालगंज में शराब के साथ बरामद हुई थी स्कॉर्पियो
जानकारी के अनुसार, रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र से 24 दिसंबर 2019 को एक स्कॉर्पियो चोरी हुई थी. 19 जून 2020 को गोपालगंज के सिधवलिया थाना क्षेत्र में वही वाहन शराब के साथ पकड़ा गया. बताया गया कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर बदला हुआ था, जबकि इंजन और चेचिस नंबर मूल थे. पुलिस ने जब्त वाहन की रिपोर्ट उत्पाद विभाग को भेजी थी. इसके बाद उत्पाद विभाग की ओर से 27 दिसंबर 2021 को उक्त वाहन की नीलामी कर दी गयी.
वाहन मालिक ने बिना सूचना नीलामी का लगाया आरोप
रोहतास निवासी वाहन मालिक को बाद में जानकारी मिली कि चोरी हुई उनकी स्कॉर्पियो बरामद हो चुकी थी, लेकिन उनकी बिना सूचना और सहमति के वाहन की नीलामी कर दी गयी. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से वाहन वापस दिलाने की मांग की. जानकारी के अनुसार, रोहतास जिले के करहगर थाना क्षेत्र के खरहरी गांव निवासी राधेश्याम सिंह की स्कॉर्पियो 24 दिसंबर 2019 को दिनारा थाना क्षेत्र के भगीरथा गांव से चोरी हुई थी. घटना के बाद वाहन मालिक ने दिनारा थाने में चोरी की प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
2025 में आर्थिक अपराध इकाई में दर्ज हुआ मामला
वाहन मालिक की शिकायत के बाद 20 नवंबर 2025 को पटना के आर्थिक अपराध इकाई में मामला दर्ज किया गया था. आर्थिक अपराध इकाई में प्राथमिकी दर्ज होने और वारंट जारी होने के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है. अब वाहन के रजिस्ट्रेशन, दस्तावेजों और नीलामी से संबंधित रिकॉर्ड की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में है. इसी क्रम में नवादा परिवहन कार्यालय में कार्यरत लिपिक कन्हैया लाल की गिरफ्तारी की गयी है.
नीलामी प्रक्रिया में भूमिका की जांच
आर्थिक अपराध इकाई के वारंट पर हुई इस गिरफ्तारी को मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है. जांच एजेंसी वाहन के रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज और नीलामी से जुड़ी प्रक्रिया में लिपिक कन्हैया लाल की भूमिका की जांच कर रही है. मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है.