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तमिलनाडु: तीसरे बच्चे पर भी 365 दिन की मैटरनिटी लीव; विधायकों को कार और 75,000 रुपये का भत्ता

सरकार की नई नीति के अनुसार, राज्य सरकार की महिला कर्मचारियों को अब तीसरे बच्चे के जन्म पर भी पूरे एक साल (365 दिन) का मातृत्व अवकाश मिलेगा. इससे पहले यह सुविधा केवल पहले दो बच्चों तक ही सीमित थी.
DMK ने फैसले का किया विरोध
सरकार के फैसले का विरोध करते हुए DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि तमिलनाडु हमेशा से परिवार नियोजन लागू करने वाला अग्रणी राज्य रहा है.
"तमिलनाडु ने हमेशा दो बच्चों के नियम का समर्थन किया है ताकि परिवार का पालन-पोषण सही तरीके से हो सके. तीसरे बच्चे पर यह राहत देकर सरकार परिवार नियोजन कार्यक्रम से पीछे हट रही है." - DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन
MLAs के लिए नई सुविधाएं और भत्ते
सरकार ने राज्य के विधायकों (MLAs) के लिए भी सुविधाओं में बड़ा इजाफा किया है.
सरकारी वाहन: सभी विधायकों को सरकारी खर्च पर कारें उपलब्ध कराई जाएंगी.
वाहन भत्ता: प्रति माह मिलने वाले वाहन भत्ते को बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है.
सहायक भत्ता: विधायकों के सहायक भत्ते को 25,000 रुपये प्रति माह तय किया गया है.
स्वास्थ्य बीमा: विधायकों के लिए सरकारी स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 25 लाख रुपये कर दिया गया है.
स्वास्थ्य और डेयरी क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान
दूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी
दूध का खरीद मूल्य 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इसके अलावा, सरकारी प्रोत्साहन राशि को 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इस कदम से 3.16 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा. इससे राज्य सरकार पर सालाना 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा.
मेडिकल शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
मेडिकल सीटें: राज्य में स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने के लिए 6,098 नई सीटें जोड़ी जाएंगी (660 B.Sc . नर्सिंग, 1,925 नर्सिंग कॉलेज सीटें, 2,778 पैरामेडिकल और 735 मेडिकल सीटें).
नए संस्थान: 7 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए 351 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
पेरम्बलूर में मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल: पेरम्बलूर जिले में 300 करोड़ रुपये की लागत से 400 बिस्तरों वाला वर्ल्ड-क्लास अस्पताल बनाया जाएगा.
स्वास्थ्य बीमा और ट्रांसजेंडर कल्याण
मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना: आम जनता के लिए इस योजना के तहत वार्षिक इलाज की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है.
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विशेष सेवाएं: चेन्नई, स्टेन्ली, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, चेंगलपट्टू, तिरुवरुर, करूर और कन्याकुमारी के सरकारी अस्पतालों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विशेष चिकित्सा और सर्जिकल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी.
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