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जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट:MP-MLA कोर्ट बोली- 'हर जगह दिख रहे, पुलिस को क्यों नहीं मिल रहे?' भाजपा से साठगांठ करने का लगाया था आरोप
लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा से साठगांठ का आरोप लगाने के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर पटवारी की मौजूदगी हर हाल में सुनिश्चित की जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने कहा, "जब जीतू पटवारी के बयान और राजनीतिक गतिविधियां हर जगह दिखाई दे रही हैं, तो पुलिस उन्हें ढूंढ क्यों नहीं पा रही?" मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। भाजपा प्रत्याशी पर लगाया था साठगांठ का आरोप
यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से साठगांठ करने का सार्वजनिक आरोप लगाया था। इसी मामले में कोर्ट ने पटवारी को 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। पुलिस की दलील पर भड़की कोर्ट सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जब वे लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों, मीडिया और सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे है। भिंड एसपी को पेश करने के निर्देश इसके बाद अदालत ने भिंड एसपी को निर्देश दिए कि 27 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान जीतू पटवारी को हर हाल में कोर्ट के सामने पेश किया जाए।