पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू जेल से छूटे सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल से मिलने पहुंचीं। सिद्धू ने रामपाल के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। 11 साल जेल में रहने के बाद 10 अप्रैल को रामपाल जमानत पर बाहर आया है। उसके बाद से कई नेता आश्रम में नतमस्तक दिखे हैं। रामपाल के सोशल मीडिया चैनल ‘स्प्रीचुअल लीडर संत रामपाल जी’ पर इस मुलाकात का एक वीडियो शेयर किया गया है। वीडियो में नवजोत कौर और रामपाल की बीच बातचीत है। कौर अपना परिचय करवाते हुए कहती हैं, मैं डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू पटियाला से आई हूं। मुझे आपसे मिलने जेल आना था, मगर भगवान ने मेरी सुन ली और आपको बाहर बुला दिया। इस पर रामपाल हंसकर बोला-आपकी दुआएं मुझे ले आई। लोगों की सेवा राजनीति से ही नहीं धर्मनीति से भी हो सकती है। बस लोगों को अपनी नीति ठीक करने की जरूरत है। यह वीडियो करीब 2 मिनट 4 सेकेंड का है, जिसे एडिट कर चलाया गया है। पंजाब विधानसभा चुनाव में कुछ महीने बचे हैं, रामपाल का पंजाब में भी आश्रम व अनुयायी हैं। लिहाज, मुलाकात को सियासी नजरिये से भी देखा जा रहा है। नवजोत कौर बोलीं- मैं आपसे भक्ति लेने आई हूं रामपाल से मुलाकात के दौरान नवजोत कौर से रामपाल से कहा कि मैं आपसे भक्ति लेने आई हूं। रामपाल ने कहा कि भक्ति और सेवा सबसे ऊपर है। नर ही नारायण सेवा है। नवजोत कौर ने कहा कि यह दोनों चीजें मैं आपसे लेने आई हूं बाकि सब बाय प्रोडेक्ट हैं। रामपाल ने कहा कि आप जैसे लोग जब मिलने आते हैं तो हमारा मनोबल बढ़ता है। नवजोत कौर ने कहा कि, मैं राजनीति से नहीं धर्म से देश की सेवा करना चाहती हूं। इस पर रामपाल ने कहा कि देश में जब राजाओं का शासन था तो सब धर्मनीति से चलते थे जनता की सेवा करते थे, मगर आजकल जनता द्वार पर जाए तब भी नहीं सुनते। रामपाल ने नवजोत कौर का धनाना आश्रम में आभार भी जताया। तीन महीना पहले भी पंजाब के सतलोक आश्रम गईं डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने करीब 3 महीने पहले फतेहगढ़ साहिब स्थित सतलोक आश्रम में गई थी। यहां उन्होंने कहा था कि, मैं राजनीति खत्म कर संतों की सेवा करने की सोच रही हूं। अगर राजनीतिक लोग दूर हो जाएं तो संत रामपाल जैसे लोग ही धरती को संभाल लेंगे। आजकल के राजनीतिक लोग अपनी पहचान भूल चुके हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा था कि जब उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हुआ तो उन्होंने भगवान का शुक्रिया कहा। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने बॉडी दान कर रखी है। ब्रेस्ट की किसी को जरूरत नहीं होती, बाकी बॉडी के हिस्से ठीक हैं तो वह किसी के काम आएंगे। नवजोत ने कहा था- डेली गोमूत्र पीती हूं, कैंसर ठीक हुआ डॉ. नवजोत कौर सिद्धू करीब 4 महीने पहले मथुरा में कथा व्यास अनिरुद्धाचार्य के गौरी गोपाल आश्रम पहुंचीं थीं। तब उन्हेंने कहा था, मैं रोजाना गोमूत्र से स्नान करती हूं। इसके साथ ही वह नियमित रूप से गोमूत्र का सेवन भी करती हैं। उन्होंने कहा था कि कैंसर को हराने में गोमूत्र एक बड़ी दवा साबित हुआ। उन्होंने बताया था उन्हें जब कैंसर हुआ था, तब डॉक्टरों की टीम ने कह दिया था कि वह सिर्फ चार हफ्ते की मेहमान हैं। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद के अनुसार डाइट अपनाई और नियमित रूप से गोमूत्र का सेवन किया। उनका कहना है कि इसी से उन्होंने कैंसर को मात दी। लेकिन चार सप्ताह क्या, अब मैं पूरी तरह फिट हूं।
हरियाणा में रामपाल से मिलीं नवजोत कौर सिद्धू:बोलीं- आपसे मिलने जेल आना था, भगवान ने मेरी सुनी, आपको बाहर बुला लिया
