इंदौर के लालाराम नगर में गुरुवार शाम नैतिक (9) और सम्राट (11) के अपहरण मामले में पुलिस ने 7 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार किया। साजिश बेरोजगारी और जल्दी पैसा कमाने की चाह में पड़ोसियों ने रची थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके इलाके के गार्डन में बड़े परिवारों के बच्चे खेलने आते हैं, इसलिए उनका किडनैप कर फिरौती मांगी जा सकती है। इसके बाद दोनों ने बच्चों के अपहरण की साजिश रची। गार्डन में आने वाले बच्चों की कई दिन तक रेकी की। राधिका ने रेकी के बाद तनीषा को एक बड़े परिवार के बच्चों को उठाने को कहा था, लेकिन उसने गलती से दूसरे परिवार के बच्चों का अपहरण कर लिया। आरोपी परिवार की आर्थिक स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा सके। मामले का खुलासा नैतिक उर्फ डग्गू के चचेरे भाई ध्रुव की सतर्कता से हुआ। उसकी सूचना पर परिवार और पुलिस सक्रिय हुई और दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए। साजिश के मास्टरमाइंड विनीत (22) और उसकी बहन राधिका प्रजापति (19) हैं। उन्होंने ललित सेन (21) और उसकी पत्नी तनीषा (20) के साथ वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार किया। गार्डन में वापस लौटा तो नैतिक नहीं मिला ध्रुव ने बताया कि वह 10 मिनट पहले तक बगीचे में खेल रहा था। पेट दर्द होने पर वह घर गया और नैतिक को भी चलने को कहा, लेकिन नैतिक ने बाद में आने की बात कही। जब नैतिक नहीं आया तो ध्रुव बगीचे पहुंचा। एक दोस्त ने बताया कि एक महिला नैतिक को अपने साथ ले गई और सम्राट भी उसके साथ गया। इसके बाद ध्रुव ने पिता राहुल सोनकर और चाची को घटना की जानकारी दी। पड़ोसी के कैमरे में कैद हुए आरोपी पूजा ने बताया कि जानकारी मिलने पर उन्होंने आसपास तलाश की। कशिश मैडम के घर के सीसीटीवी में दोनों बच्चे एक महिला के साथ जाते दिखे। इसके बाद अपहरण की आशंका पर पुलिस को सूचना दी।
नैतिक की मां पूजा ने बताया कि जब ध्रुव ने उन्हें घटना की जानकारी दी, तो उन्होंने पहले आसपास तलाश शुरू की। पास ही कशिश मैडम का घर है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे देखने पर नैतिक और सम्राट एक महिला के साथ जाते हुए नजर आए। इसके बाद परिवार को अपहरण की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पूजा ने बताया कि नैतिक को उनका मोबाइल नंबर याद था। उसने अपहरणकर्ताओं को नंबर दिया, जिसके बाद फिरौती के लिए कॉल आया। सम्राट के परिवार को जानकारी नहीं थी सम्राट का घर गार्डन से दूर है, इसलिए मां उर्मिला को शुरुआत में बेटे के लापता होने की जानकारी नहीं थी। बाद में नैतिक के परिवार से पता चला कि उसका भी अपहरण हुआ है। उर्मिला ने बताया कि रात 9 बजे कॉल आया, जिससे वह घबरा गईं और बेटे को ढूंढने के लिए मदद मांगने लगीं। बाद में पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। सम्राट उनका इकलौता बेटा है और छठी कक्षा में पढ़ता है। बेड पर बैठाया, सेवइयां खिलाईं, डराया नैतिक ने बताया कि तनीषा उसे कार में ले गई। कमरे में ले जाकर सोफे पर बैठाया और जानवर दिलाने की बात करती रही। भूख लगने पर सेवइयां खिलाईं और मोबाइल पर गेम खेलने दिया। नैतिक के मुताबिक, रात में आरोपियों ने कहा कि पिता से बात हो चुकी है और वे लेने आ रहे हैं। जानवर देकर घर भेजने की बात भी कही, लेकिन देर होने पर बच्चे घर जाने की जिद करने लगे। इस पर राधिका और तनीषा ने उन्हें पैसे न मिलने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। जब पुलिस पहुंची तो राधिका ने कहा, “गुंडे आ गए हैं, चादर ओढ़कर छिप जाओ और कुछ मत बोलना।” डर से दोनों बच्चे गैलरी में छिपे रहे। शॉर्ट एनकाउंटर तक के निर्देश दिए गए थे पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह पूरी रात ऑफिस में रहे और हर मूवमेंट पर नजर रखते रहे। मोबाइल लोकेशन मिलने पर द्वारकापुरी पुलिस से संपर्क किया गया। बाद में दत्त नगर की लोकेशन मिली, जो राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में है, जहां टीम भेजी गई। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में निगरानी करते रहे। सही संकेत मिलते ही दबिश दी गई। सीपी ने शॉर्ट एनकाउंटर तक के निर्देश दिए थे। रेत मंडी में फिरौती लेने आते तो पुलिस कार्रवाई कर सकती थी। नौकरी छूटने के बाद पैसों के लिए रास्ता ढूंढा मास्टरमाइंड विनीत जिस कंपनी में काम करता था, वह फर्जी निकली और उसे वेतन नहीं मिला। वह 6 महीने से बेरोजगार था। उस पर डेढ़ साल का किराया बकाया था। आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसने यह कदम उठाया। उसकी बहन राधिका टेलीकॉलिंग करती थी। पहले वह राधिका के साथ रहता था, लेकिन शादी के बाद अलग कमरा ले लिया। ललित ड्राइवर है, लेकिन छह महीने से बेरोजगार था, इसलिए उसे पैसों की जरूरत थी। तनीषा पहले फ्लिपकार्ट में काम करती थी, लेकिन कुछ समय से कपड़ों की दुकान पर सेल्समैन का काम कर रही थी। वहां भी काम ठीक नहीं चल रहा था। ज्वेलरी शॉप लूटने का प्लान बना चुके थे चारों आरोपी पहले से परिचित थे। 8 दिन पहले ज्वेलरी शॉप लूटने की योजना बनाई थी, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद बच्चों के अपहरण का प्लान बनाया। सहेली से पूछा था पैसे कमाने का शॉर्टकट पुलिस के अनुसार, राधिका और तनीषा अच्छी दोस्त हैं। तनीषा ने जल्दी पैसा कमाने का शॉर्टकट पूछा, जिस पर राधिका ने बताया कि उनके इलाके के गार्डन में अच्छे घरों के बच्चे खेलने आते हैं। इसके बाद दोनों ने अपहरण कर फिरौती वसूलने की साजिश बनाई। वे परिवार की आर्थिक स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा पाईं और नहीं जान सकीं कि दोनों बच्चे मजदूर वर्ग से हैं। पक्षी-जानवर दिखाने के बहाने लड़की ले गई थी नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं और सम्राट के पिता ढोलक बजाते हैं। उन्होंने कहा, “आरोपी लड़की बच्चों को पक्षी-जानवर दिखाने के बहाने ले गई थी। सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।” पुलिस को संदेह तब हुआ जब एक फ्लैट की लाइट बार-बार जल-बुझ रही थी और अंदर हलचल दिख रही थी। इसके बाद टीम ने छापा मारकर चारों आरोपियों को पकड़ लिया। घटनाक्रम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंदौर पुलिस ने सात घंटे में अगवा बच्चों को ढूंढा इंदौर पुलिस ने तिरुपति गार्डन से अगवा दोनों बच्चों को गुरुवार देर रात करीब दो बजे सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में एक दंपती, एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। युवक-युवती आपस में भाई-बहन हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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