हरियाणा के मंत्री पंवार का एक्सीडेंट:पानीपत में काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं; अस्पताल में भर्ती कराया गया

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हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार को पानीपत में सड़क हादसे में घायल हो गए। एल्डिको सिटी के पास पंवार के काफिले में शामिल गाड़ियां आपस में टकरा गईं। पंवार की इनोवा कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। हादसे के तुरंत बाद उनके सुरक्षाकर्मियों और आसपास के लोगों ने मंत्री को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही शहरी विधायक प्रमोद विज, DC वीरेंद्र दहिया, SP भूपेंद्र सिंह समेत भाजपा के कार्यकर्ता व अन्य लोग सरकारी अस्पताल पहुंचे। कृष्ण लाल पंवार के पास नायब सैनी सरकार में पंचायत एवं विकास विभाग के अलावा, खान एवं भूविज्ञान विभाग की जिम्मेदारी है। वे हरियाणा में दूसरी बार मंत्री बने हैं। चंडीगढ़ से पानीपत आ रहे थे पंवार मंत्री पंवार शुक्रवार को चंडीगढ़ से पानीपत लौट रहे थे। शाम 4 बजे से पहले जैसे ही उनका काफिला एल्डिगो सिटी के पास टोल के सामने पहुंचा, आगे चल रही एक गाड़ी ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे आ रही मंत्री के काफिले में शामिल पायलट गाड़ी ने भी तुरंत ब्रेक लगाए, जिसके बाद काफिले की बाकी गाड़ियां आपस में टकराती चली गईं। इसी हादसे में मंत्री पंवार को चोटें आईं। गाड़ी के सभी एयरबैग खुल गए। दिसंबर में घुटने का ऑपरेशन हुआ 14 दिसंबर 2025 को कृष्ण लाल पंवार का मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में बाएं घुटने का ऑपरेशन हुआ था। उन्हें कई दिनों से चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने ऑपरेशन कराने का फैसला किया। ऑपरेशन से पहले पंवार सरकारी फॉर्च्युनर से यात्रा करते थे, लेकिन ऑपरेशन के बाद वे सरकारी इनोवा गाड़ी में यात्रा करने लगे। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार का राजनीतिक सफर… 1991 में पहली बार इनेलो के टिकट पर विधायक बने कृष्ण लाल पंवार का राजनीतिक सफर काफी लंबा है। साल 1991 में इनेलो के टिकट पर असंध से विधायक चुने गए। इसके बाद 1996, 2000 और 2009 में भी इनेलो से विधायक रहे हैं। परिसीमन 2009 के बाद उन्होंने इसराना से इनेलो के टिकट पर चुना लड़ा और कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि को हराया था। 2014 में इनेलो छोड़कर भाजपा से चुनाव लड़ा और फिर कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि को हराया। खट्टर सरकार में परिवहन, आवास और जेल मंत्री रह चुके पंवार को पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्‌टर की सरकार में परिवहन, आवास, जेल मंत्री की जिम्मेदारी मिल चुकी है। 2019 में कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि से हार का सामना करना पड़ा। प्रदेश में एससी वर्ग से बड़ा चेहरा होने पर भाजपा ने राज्यसभा भेज दिया था। 2024 के चुनाव में विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की तो भाजपा ने फिर से टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा। चुनाव लड़ने से पहले राज्यसभा सीट से इस्तीफा दिया 2024 में मंत्री बनने से पहले पंवार राज्यसभा सांसद थे। चुनाव लड़ने से पहले पंवार राज्यसभा सीट से इस्तीफा दिया। कृष्ण लाल पंवार ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर शपथ लेने से पहले इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि वह इसराना से विधायक चुने जाने के बाद हरियाणा में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। कृष्ण लाल पंवार के पास नायब सैनी सरकार में पंचायत एवं विकास विभाग के अलावा, खान एवं भूविज्ञान विभाग की जिम्मेदारी है। खट्‌टर को बताया था माई-बाप कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर के करीबी हैं। हाल ही में उन्होंने इसका खुद खुलासा किया था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि मनोहर लाल जी मेरे माई-बाप हैं। उनके इस बयान को लेकर काफी चर्चा हुई थी।