हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं। उन्हें शुक्रवार को निर्विरोध चुना गया हैं। विपक्ष की ओर से कोई नाम नहीं आया था। पीएम मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि सदन को आप पर गहरा भरोसा है। बीते समय में आपके अनुभव का सदन को लाभ मिला है। आपने सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि हरिवंश के नेतृत्व में सदन की कार्यक्षमता और मजबूत हुई है। वे न सिर्फ कार्यवाही का संचालन करते हैं, बल्कि अपने अनुभव से सदन को और बेहतर बनाते हैं। मुझे विश्वास है कि उनका नया कार्यकाल भी इसी संतुलन, समर्पण और भावना के साथ आगे बढ़ेगा। हम सभी के प्रयास से सदन की गरिमा और ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो गया था। उनकी पार्टी JDU ने इस बार नाम नहीं दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने उनका मनोनयन किया। पूर्व CJI रंजन गोगोई के रिटायर होने के बाद सीट खाली हुई थी। इसे भरने के लिए JD(U) के हरिवंश को चुना गया। 69 साल के हरिवंश 2032 तक राज्यसभा में रहेंगे। राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति तय करते हैं। इन्हें कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा में विशेष योगदान के आधार पर चुना जाता है। 18 मार्च को पीएम मोदी ने कमबैक का हिंट दिया था बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान राज्यसभा में रिटायर हो रहे सांसदों का विदाई समारोह 18 मार्च को हुआ था। इस दौरान पीएम मोदी ने हरिवंश के लिए कहा था- “हमारे उपसभापति हरिवंश विदा ले रहे हैं। हरिवंश को इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिला।” पीएम मोदी ने हिंट दी थी कि हरिवंश की राजनैतिक पारी अभी खत्म नहीं हुई है, वे आगे भी जनहित में काम करते रहेंगे। इसके आधार पर ही यह माना जा रहा है हरिवंश नारायण को मनोनीत सांसद बनाकर दोबारा लाया गया है। पत्रकारिता में थे हरिवंश, फिर राजनेता बने हरिवंश नारायण सिंह पत्रकार से नेता बने। उन्होंने जेडीयू की तरफ से राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। 2018 में पहली बार राज्यसभा के उपसभापति बने। इसके बाद 2020 में दोबारा चुने गए।
हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बने:निर्विरोध चुने गए, पीएम मोदी बोले- सदन का उन पर गहरा भरोसा है
