अंबाला नगर निगम चुनाव में मेयर पद को लेकर सियासी घमासान अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी के नामांकन को चुनौती देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और आपत्ति को गलत तरीके से खारिज कर दिया गया। मामले की सुनवाई 11 मई को तय की गई है। जानें पूरा मामला अंबाला सिटी निवासी कुलविंदर कौर ने बीती 6 मई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में सिविल रिट याचिका दायर की। याचिका में हरियाणा राज्य चुनाव आयोग, जिला चुनाव अधिकारी-कम-डिप्टी कमिश्नर अंबाला, रिटर्निंग ऑफिसर (मेयर चुनाव 2026) और भाजपा प्रत्याशी अक्षिता सैनी को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि बीती 26 अप्रैल को कुलविंदर कौर ने अक्षिता सैनी के नामांकन पत्र और उसके साथ लगाए गए फॉर्म 1-सी के हलफनामे के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्ति खारिज करने पर उठाए सवाल याचिकाकर्ता का आरोप है कि बीती 27 अप्रैल को रिटर्निंग ऑफिसर ने उनकी आपत्ति को गलत और पक्षपातपूर्ण तरीके से खारिज कर दिया। साथ ही अक्षिता सैनी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई। याचिका में इस आदेश को अवैध और मनमाने तरीके से लिया गया फैसला बताया गया है और इसे रद्द करने की मांग की गई है। नामांकन रद्द करने की मांग कुलविंदर कौर ने हाईकोर्ट से मांग की है कि अक्षिता सैनी का नामांकन रद्द किया जाए। इसके अलावा कोर्ट से यह भी अनुरोध किया गया है कि चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को निर्देश दिए जाएं कि वे आपत्ति में उठाए गए बिंदुओं के आधार पर नामांकन खारिज करें। साथ ही कोर्ट से यह भी कहा गया है कि वह इस मामले में उचित आदेश या निर्देश जारी करे। वकील ने रखा पक्ष इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नरिंदर सिंह बेहगल ने पैरवी की है। उन्होंने अदालत में दलील दी कि नामांकन को स्वीकार करना नियमों के खिलाफ है और इसमें दुर्भावना से काम लिया गया है। अब 11 मई को होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
अंबाला भाजपा मेयर प्रत्याशी अक्षिता के नामांकन को चुनौती:कांग्रेस प्रत्याशी कुलविंदर कौर ने दायर की याचिका, 11 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई
