रेवाड़ी के बावल में JLS कंपनी में आग लगने से जल से 35 वर्षीय हरि बाबू की गुड़गांव के अस्पताल में बीती रात इलाज के दौरान मौत हो गई। हरी बाबू कंपनी के मेंटेनेंस विभाग में कार्यरत था। मंगलवार को लगी आग में 6 झुलसने वालों में एक हरी बाबू भी शामिल था। हरी बाबू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के गांव रूखाला का रहने वाला था। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, JLS केमिकल कंपनी कंपनी के बाहर वीरवार की दोपहर उस समय हंगामा हो गया, जब कंपनी में आग लगने से गायब बिहार के कर्मचारी धर्मेंद्र के परिजन कंपनी पर पहुंचे। कंपनी पर पहुंचने के बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस परिजनों को मनाने में कामयाब रही। काफी देर तक जब परिजन नहीं माने तो पुलिस लापता धर्मेंद्र के परिजनों को कंपनी के भीतर ले गए और वहां जले सामान का हाल दिखाया। धर्मेंद्र के पिता ने स्वयं स्वीकार किया कि अभी कंपनी के अंदर आज पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद ठेकेदार के कर्मचारी सदानंद राव और उसके परिवार को गाड़ी में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। कंपनी में बाहरी व्यक्ति के जाने की अनुमति नहीं इससे पहले सुबह ठेकेदार के कर्मचारी लापता सत्येंद्र के परिवार को भी इसी प्रकार से अज्ञात स्थान पर ले गए थे। सतेंद्र के परिवार सुबह कंपनी पहुंचा था। अभी कंपनी के अंदर किसी बाहरी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। कंपनी के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तनाव किया गया है। यहां देखिए फोटो… एनडीआरएफ की टीम वापस लौटी वहीं, बचाव के लिए पहुंची एनडीआरएफ की टीम बुधवार देर शाम वापस लौट गई। सूत्रों की माने तो कंपनी में आग लगने से पिघले लोहे और जले अन्य सामान का टेंपरेचर अब भी हाई बना हुआ है। बिना उचित संसाधनों के एनडीआरएफ सही ढंग से अपना अभियान सही ढंग से नहीं चल पा रही थी। ऐसे में लापता कर्मियों की संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। जिससे अभियान को जारी रखने की जिम्मेदारी एक बार फिर लोकल टीमों पर आ गई है। एनडीआरएफ के लौटने के बाद आज (गुरुवार को) कंपनी मैनेजमेंट के अधिकारी मीटिंग कर अब तक हालातों पर चर्चा के साथ बचाव अभियान जारी रखने के विकल्पों पर मंथन कर सकती है। दिन में पहुंचें थे DC-SP, रात को टीम लौटी मंगलवार को कंपनी में आग लगने के बाद बुधवार को डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा निरीक्षण करने कंपनी पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए थे। एसपी ने इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया था। दिन में डीसी-एसपी निरीक्षण करने पहुंची और देर शाम एनडीआर की टीमें वापस अपने बठिंडा बेस लौट गई। मंगलवार को लगी थी आग बता दें कि, बावल के सेक्टर-3 की GLS केमिकल कंपनी में मंगलवार सुबह रिपेयरिंग कार्य करते समय आग लग गई थी। रेवाड़ी और आसपास की 35 से अधिक फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने 12 घंटे से अधिक समय के बाद आग पर काबू पाया था। आग में कंपनी के 6 कर्मचारी झुलस गए थे तथा अब तक दो के लापता होने की शिकायत मिल चुकी है। जिस प्रकार से कंपनी के अंदर की सूचनाएं आ रही हैं, उससे आने वाले दिनों में लापता कर्मियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। बिहार के दो कर्मी लापता कंपनी में लगी आग के बाद से बिहार के शेखपुरा के गांव केबलबीघा निवासी 26 वर्षीय धर्मेंद्र 26 और बिहार नालंदा के सिन्तु निवासी 45 वर्षीय सत्येंद्र पासवान लापता हैं। जिसकी शिकायतें पुलिस के पास पहुंच चुकी हैं। मंगलवार को दोनों की सुबह 6 बजे की शिफ्ट में ड्यूटी थी। धर्मेंद्र दो बच्चों और सत्येंद्र एक बेटे के पिता हैं। धर्मेंद्र अपने भाई जितेंद्र कुमार के साथ 4 साल से और सत्येंद्र अपनी पत्नी सोना देवी और 15 वर्षीय बेटे के साथ पांच साल पहले काम की तलाश में रेवाड़ी आया था। 6 झुलसों में 3 गंभीर कंपनी में लगी आग से 6 कर्मचारी झुलस गए थे। जिनमें से हरि बाबू, प्रवेश और विक्रम की हालत गंभीर है। अन्य घायलों में रेवाड़ी के सेक्टर-4 निवासी अमित अमित (50) व मूलरूप से बिहार निवासी प्रदीप (52) और विक्रम शामिल हैं। अभी तापमान अधिक डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि कंपनी के अंदर अभी तापमान अधिक होने के कारण काम नहीं चल रहा था। फिलहाल एनडीआरएफ को वापस भेज दिया गया है। स्थिति जब सामान्य हो जाएगी, काम शुरू कर दिया जाएगा। तब तक के लिए। पुलिस और प्रशासन परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रखें हुए हैं। कंपनी प्रबंधकों से नियमित बातचीत की जा रही है।
रेवाड़ी में आग में झुलसे कर्मचारी ने दम तोड़ा:लापता कर्मी के परिजनों का हंगामा; कंपनी के बाहर धरने पर बैठे, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की
