अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बीच बहराइच में गाजी मियां की दरगाह में करोड़ों के गबन का आरोप लगा है। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली का आरोप है कि दरगाह में पिछले 20 सालों में करोड़ों का गबन हुआ है। बासित अली ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर पूरे प्रकरण में SIT जांच की मांग की है। बहराइच के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने डीएम अक्षय त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगी है। मंत्री दिनेश सिंह ने कहा, मुझे शिकायतें मिली हैं कि बहराइच शरीफ यानी दरगाह हजरत सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह में चढ़ावे, दुकानों, ठेकों, मेलों आदि अन्य मदों से आने वाली धनराशि का बड़े पैमाने पर लूट और गबन हो रहा है और यह लंबे अंतराल से हो रहा है। किसी के द्वारा इस पर कार्रवाई नहीं की गई है। मैंने जिलाधिकारी बहराइच को निर्देश दिए हैं कि 15 दिन के भीतर सारी शिकायतों की जांच कराकर अवगत कराएं। जिससे इन आस्था के स्थलों पर हो रही लूट की जांच हो और उन पर कार्रवाई हो। जिससे दोषी हों, उन्हें कठोर दंड दिया जा सके। कुंवर बासित अली ने सपा के पूर्व मंत्री पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप बासित अली ने कहा- वक्फ नंबर- 19, दरगाह हजरत सैयद सालार गाजी मसूद की बहराइच में बड़ी दरगाह है। यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वक्फ है। जिसमें करोड़ों की संपत्ति है। कॉलेज-स्कूल और लगभग 50-60 बीघे के अंदर एक दरगाह है। जिस पर समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री वकार शाह के बेटे यासिर शाह, यासिर शाह की पत्नी मारिया शाह और इनके लोग कमेटियों में हैं। लगभग 20 साल से वहां बड़ी तादाद में करप्शन है। लगभग 14 करोड़ इनकम एक साल में उन्होंने दिखाई है। लेकिन लगातार शिकायतें हुईं तो उसमें करीब 20 साल के अंदर हजारों करोड़ का घोटाला सामने आया है। बासित अली ने कहा- मैं अखिलेश यादव से कहना चाहता हूं कि बहराइच की दरगाह के बारे में भी एक बार पता करें, उस मुद्दे को भी उठाएं, उसकी भी जांच कराएं, उसकी भी एसआईटी (SIT) कराएं। आप जब गरीब मुसलमानों की गाढ़ी कमाई की बात करते हैं, आप जब मुसलमानों की ऐसी इनकम की बात करते हैं, जिससे मदरसे बन सकते थे, स्कूल्स बन सकते थे, स्कूल चल सकते थे, गरीब मुसलमानों का भला हो सकता था, वहां चुप्पी साध जाते हैं। लेकिन जहां आपको बांटना, छांटना, काटना होता है, लड़ाना होता है, तो आप राम मंदिर का मुद्दा उठाते हैं। आप राम मंदिर की बात करते हैं, लेकिन मुसलमानों के विषय पर आप चुप रहते हैं। मैंने माननीय मुख्यमंत्री से मांग की है कि इसकी एसआईटी (SIT) की जांच कराई जाए। एसआईटी से समाजवादी पार्टी का पर्दाफाश होगा, क्योंकि यह लोग चंदा चोर हैं। गाजी मियां की दरगाह पर प्रशासन ने पिछले साल मेला रोका
बहराइच शहर के बैंकुंठा इलाके में सैयद सालार मसूद (गाजी मियां) की कब्र है। वह 11वीं सदी के आक्रमणकारी महमूद गजनवी का सेनापति था। राजा सुहेलदेव के साथ युद्ध में मारा गया था। करीब 500 साल पहले मसूद को सूफी संत बताकर सालाना जेठ मेला लगना शुरू हुआ था। यह मेला हिंदू कलेंडर के हिसाब से ज्येष्ठ महीने के पहले रविवार से शुरू होकर करीब एक महीने तक चलता था। मेले में देश के अलावा नेपाल से बड़ी संख्या में मुस्लिम और हिंदू श्रद्धालु शामिल होते थे। इसके अलावा भी लोग सालभर यहां आते रहते हैं। दरगाह परिसर में मस्जिद, लाइब्रेरी और दुकानें हैं। पिछले साल सरकार ने सुरक्षा कारणों से मेला लगाने की परमिशन नहीं दी थी। ***************** यह खबर भी पढ़िए:- चढ़ावा चोरी मामले के बीच योगी राम मंदिर पहुंचे:अयोध्या में कहा- अपराधी कोई हो, नहीं बचेगा; 500 साल इंतजार किया, 15 दिन और कर लीजिए राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। इससे पहले, योगी ने कहा- विपक्ष के लोग राम का नारा लगाने पर गोली चलवाते थे। इनके दोगुले चरित्र को तो देखिए। राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है। पढ़ें पूरी खबर…
गाजी मियां दरगाह में करोड़ों के गबन का आरोप:मंत्री ने बहराइच DM से रिपोर्ट मांगी; भाजपा नेता ने सीएम को चिट्ठी लिखी थी
