‘आरोपी हिंसक मानसिकता के हैं, इसलिए हत्या करने के बाद लाश जलाई। जिंदगी भगवान की देन है। इसे खत्म करने का हक भी सिर्फ भगवान को है। अगर कोई इंसान किसी दूसरे की जान छीनता है, तो उसे खुद भी जिंदा रहने का हक नहीं। ऐसे खूंखार मामले में अगर कोर्ट कम सजा देकर नरमी बरतेगा, तो समाज में बहुत गलत संदेश जाएगा।’ यह बात मुजफ्फरनगर में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज ने शनिवार को कही। उन्होंने चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में 8 साल बाद 2 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर माना। जज ने कहा- शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। टीवी शो और फिल्में देखकर लोगों को लगता है कि नो बॉडी-नो केस (लाश नहीं होगी, तो केस नहीं होगा)। यह केवल भ्रम है। क्योंकि सच, सच होता है, लाख कोशिशों के बाद भी नहीं छिपता। हालांकि, पुलिस जेल लेकर गई, तो दोनों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। घटना 5 जून, 2018 की है। जंगल में 35 साल के राजेंद्र सैनी का जला हुआ शव मिला था। डीएनए से उनकी पहचान हुई थी। पुलिस जांच में पता चला था कि वीरसेन को शक था कि राजेंद्र का उसकी पत्नी से अफेयर चल रहा है। इसलिए उसने गजेंद्र और राम किरण के साथ मिलकर राजेंद्र की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। कोर्ट की कार्रवाई के दौरान वीरसेन की मौत हो गई थी। पत्नी से अफेयर के शक में हत्या की थी, 4 पॉइंट में पढ़िए मामला 3 दिन पहले आरोपियों को दोषी करार दिया था 11 जून को राजेंद्र के भाई जयविंद्र ने हत्या का केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट में वीरसेन, गजेंद्र और राम किरण के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया। केस की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी वीरसेन की मौत हो गई। बाकी दो आरोपियों गजेंद्र और राम किरण के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी रही। बुधवार यानी 3 दिन पहले दोनों को दोषी करार दिया गया था। आज कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट बोला- आरोपियों में नहीं दिखा कोई पछतावा फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की। कहा- लाश को जलाने का इकलौता मकसद राजेंद्र का चेहरा, उम्र और शरीर के निशान मिटाना था, जिससे पुलिस उलझकर रह जाए। यह बात साबित करती है कि यह मर्डर पूरी प्लानिंग के साथ बहुत ही बेरहमी से किया गया था। जज ने कहा- आरोपियों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया, उससे साफ है कि वे बेहद क्रूर और हिंसक मानसिकता के हैं। अपराध करने के बाद भी उनके मन में जरा सा भी पछतावा नहीं है। दोषियों के मन में गहरी दुश्मनी और नफरत थी। राजेंद्र को जान से मारने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने लाश को बुरी तरह जला दिया। ———————- यह खबर भी पढ़ें… गाजी मियां दरगाह में करोड़ों के गबन का आरोप:मंत्री ने बहराइच DM से रिपोर्ट मांगी; भाजपा नेता ने सीएम को चिट्ठी लिखी थी अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बीच बहराइच में गाजी मियां की दरगाह में करोड़ों के गबन का आरोप लगा है। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली का आरोप है कि दरगाह में पिछले 20 सालों में करोड़ों का गबन हुआ है। बासित अली ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर पूरे प्रकरण में SIT जांच की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर…
‘फिल्में देखकर लाश जलाई, सोचा था बच जाएंगे’:यूपी में 2 हत्यारों को फांसी की सजा, कोर्ट बोला- जान लेने का हक सिर्फ भगवान को
