कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में धान घोटाले का मामला सामने आया है। सरकारी धान की मिलिंग और कस्टम मिल्ड राइस (CMR) डिलीवरी में गड़बड़ी पाए जाने पर FIR दर्ज हुई है। आरोप है कि सरकारी धान का दुरुपयोग कर सरकार को ब्याज समेत करीब 8 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया गया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर लविश कुमार ने पुलिस को बताया कि पार्टनर नवदीप सिंह और जगमाल सिंह की मिल को साल 2023-24 में पैक्स के जरिए से सरकारी धान आवंटित किया गया था। विभागीय अनुमति और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद मिल को करीब 64,993 क्विंटल धान मिलिंग के लिए दिया गया। 67 प्रतिशत चावल करवाना था जमा मिल प्रबंधन को इसके बदले भारतीय खाद्य निगम (FCI) में 67 प्रतिशत यानी करीब 43,545 क्विंटल चावल जमा करवाना था।, लेकिन जांच में सामने आया कि मिल ने करीब 24,660 क्विंटल चावल ही जमा करवाया। करीब 18,885 क्विंटल चावल की डिलीवरी लंबित पाई गई। बार-बार नोटिस दिए शिकायतकर्ता के मुताबिक, विभाग की ओर से मिल प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए। साथ ही चावल जमा करवाने की अवधि भी बढ़ाई गई, लेकिन पूरा चावल जमा नहीं करवाया गया। दिसंबर 2023 को मिल प्रबंधन ने विभाग को लिखित आश्वासन दिया था कि मिल में पर्याप्त धान मौजूद है और तय समय पर डिलीवरी दी जाएगी। डिलीवरी पड़ी रही अधूरी रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान रिकॉर्ड में स्टॉक सही दिखाया गया था। इसके बावजूद सरकार की तय समय सीमा 30 जून, 2024 तक डिलीवरी पूरी नहीं की गई। बाद में सितंबर 2024 तक अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन तब भी 100 प्रतिशत चावल फिर भी जमा नहीं कराया गया। हालांकि नोटिस के बाद करीब 49 लाख रुपए की राशि जमा करवाई गई। शिकायत पर केस पर दर्ज विभाग के इंस्पेक्टर लविश कुमार ने बताया कि DFSC नरेश कुमार की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। उधर, थाना सदर पिहोवा में कार्यरत जांच अधिकारी ASI राजेश कुमार का कहना है कि पुलिस मिलिंग रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
कुरुक्षेत्र में धान घोटाले में 2 मिलर्स पर FIR:नोटिस के बाद भी जमा नहीं करवाया चावल; ब्याज समेत 8 करोड़ का घपला
