यमुनानगर में बेटी का शव देख बिलख पड़ी मां:नीलम हत्याकांड, 3 दिन बाद बॉडी लेने पहुंचे परिजन; बोलीं- यहीं करेंगे संस्कार

Spread the love

यमुनानगर जिले के शादीपुर गांव में पत्नी नीलम की गला दबाकर हत्या करने वाले संतोष कुमार मामले में आखिरकार तीसरे दिन मृतका के परिजन उत्तर प्रदेश से शव लेने के लिए यमुनानगर पहुंचे। सिविल अस्पताल के शवगृह में बेटी का शव देखते ही नीलम की मां बिलख-बिलख कर रोने लगी। परिजनों ने कहा कि वे नीलम का अंतिम संस्कार यहीं पर करेंगे और उसके दोनों बच्चों को अपने साथ लेकर जाएंगे। इससे पहले तीन दिन तक परिजनों के नहीं पहुंचने से पुलिस और प्रशासन के सामने महिला के अंतिम संस्कार के साथ-साथ दोनों मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंता बनी हुई थी। पुलिस ने मंगलवार को ही नीलम के शव का पोस्टमार्टम करा दिया था, लेकिन शव सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ था। सदर थाना पुलिस लगातार परिजनों के संपर्क में थी। बच्चों के भविष्य का बना हुआ था संशय हत्याकांड के बाद सबसे बड़ा सवाल दोनों बच्चों की परवरिश को लेकर खड़ा हो गया था। फिलहाल दोनों बच्चों को बालकुंज भेजा गया था। वहीं आरोपी पति संतोष कुमार को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया हुआ है। अब परिजनों के आने के बाद बच्चों को उनके साथ भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दोनों बच्चे अभी भी गहरे सदमे में हैं। बड़े बेटे ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता अक्सर मां के साथ मारपीट करते थे। घटना वाली रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। आरोप है कि इसके बाद संतोष ने चुन्नी से नीलम का गला घोंट दिया और बच्चों को दूसरे कमरे में भेज दिया। 24 घंटे तक घर में पड़ा रहा शव पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या रविवार रात को हुई थी, लेकिन आरोपी संतोष कुमार सोमवार देर रात करीब दो बजे बच्चों के साथ सदर थाना पहुंचा और घटना की जानकारी दी। इस दौरान करीब 24 घंटे तक महिला का शव घर में ही पड़ा रहा। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव से बदबू आने लगी थी। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे पत्नी के अवैध संबंधों का शक था। इसी शक के चलते उसने गुस्से में आकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वह पूरे दिन बच्चों को बाहर घुमाता रहा। सूत्रों के मुताबिक वह बच्चों के साथ आत्महत्या करने की भी सोच रहा था, लेकिन बाद में खुद ही थाने पहुंचकर वारदात कबूल कर ली। 2013 में किया था प्रेम विवाह मृतका नीलम (35) उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली थी। उसने वर्ष 2013 में गाजीपुर निवासी संतोष कुमार से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों यमुनानगर के शादीपुर गांव में किराए के मकान में रहने लगे थे। संतोष एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करता था। दंपती के दो बेटे हैं, जिनमें एक तीसरी और दूसरा पहली कक्षा में पढ़ता है।