कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को एक बार फिर झटका लगा है। संस्थान में न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग की डॉ. सोनम सुमन ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, संस्थान छोड़ने का स्पष्ट कारण इस्तीफे में नहीं लिखा है। अधिकारियों का कहना है कि सुपर स्पेशियालिटी संस्थान होने के बावजूद तनख्वाह स्टेट मेडिकल कॉलेज की दी जा रही है। जबकि संस्थान में कुछ डॉक्टरों को KGMU, PGI के समान वेतन दिया जा रहा है। महिला डॉक्टर के इस्तीफे से न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पेट सीटी समेत दूसरी मशीनों के संचालन को झटका लगा है। कैंसर संस्थान की OPD में प्रतिदिन 400 मरीज आ रहे हैं। लगभग 300 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। इमरजेंसी में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। वेतन विसंगति समेत दूसरी बदइंतजामी की वजह से गुजरे पांच साल में 28 विशेषज्ञ डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। 60 से अधिक नर्सिंग स्टाफ और करीब एक दर्जन से ज्यादा टेक्नीशियन और कर्मचारी कैंसर संस्थान को अलविदा कह चुके हैं। इन विभागों में एक भी डॉक्टर नहीं संस्थान में चार विभागों में एक भी डॉक्टर नहीं है। इनमें रेडियो डायग्नोसिस, मेडिकल आंकोलाजी, प्लास्टिक सर्जरी और न्यूक्लियर मेडिसिन जैसे अहम विभाग शामिल हैं। इसका खामियाजा कैंसर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग से संबंधित जांचें नहीं हो पा रही है। मरीजों को 20 से 25 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है। एक संस्थान, दो वेतनमान कैंसर संस्थान में दो तरह का वेतनमान डॉक्टरों को प्रदान किया जा रहा है। करीब 24 डॉक्टरों को SGPGI और KGMU के समान वेतन भत्ते प्रदान किए जा रहे हैं। बाकी 10 डॉक्टरों को स्टेट मेडिकल कॉलेज के समान वेतन भत्ते प्रदान किए जा रहे हैं। नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को स्टेट मेडिकल कॉलेज के समान वेतन प्रदान किया जा रहा है। इससे डॉक्टर और कर्मचारियों में आक्रोश है।
लखनऊ में कैंसर संस्थान के डॉक्टर ने दिया इस्तीफा:न्यूक्लियर मेडिसिन की डॉ.सोनम ने किया रिजाइन, 5 साल में 28 डॉक्टरों ने छोड़ा संस्थान
