कानपुर देहात में बुधवार को नदी के पास बने तालाब से मोर्टार मिला है। इसका पता चलते ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के चलते पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया। जांच के लिए बम स्क्वॉड और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। इस बात का पता चलते ही गांववालों की भी भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे डीएसपी संजय सिंह ने बताया- बरामद वस्तु पहली नजर में मोर्टार लग रहा है। यह एक तरह का सेना का विस्फोटक उपकरण होता है। इसकी सही पहचान और स्थिति के बारे में विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। इसके लिए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम जांच कर रही है। घटना गजनेर थाना क्षेत्र के जसवापुर गांव की है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सील किया गया जसवापुर गांव के लोग नोन नदी के पास बने तालाब में मछली पकड़ रहे थे। तभी उन्हें एक संदिग्ध मोर्टार दिखाई दिया। जिस जगह पर मोर्टार मिला, वह नोन नदी का एक छोटा जलभराव वाला हिस्सा है। गांववालों का कहना है कि मोर्टार बहुत ज्यादा पुराना नहीं लग रहा है। यह जिस तालाबनुमा हिस्से में यह मिला, वहां काफी नीचे भी दबा हुआ नहीं था। इसलिए इसके पुराने होने की संभावना कम है। झांसी से बुलाई गई बम स्क्वॉड टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए झांसी से बम स्क्वॉड की टीम को बुलाया गया। जांच करने के बाद टीम मोर्टार को अपने साथ ले गई। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मोर्टार सक्रिय है या निष्क्रिय? यहां तक कैसे पहुंचा? पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सील कर दिया है। इससे पहले मछली पकड़ रहे गांव का ही एक लड़का मोर्टार लेकर भागने लगा। इस पर पुलिसवालों ने उसे दौड़ाकर पकड़ा। युवक ने पुलिस के पकड़ते ही मोर्टार फेंक दिया। इस पर पुलिसकर्मी ने कहा- ये खिलौना नहीं है, फट जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वस्तु की प्रकृति और उसके स्रोत के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस, एफएसएल और बम स्क्वॉड की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। जानिए क्या होता है मोर्टार? मोर्टार सेना में इस्तेमाल किया जाता है। इसे दागने पर यह पहले ऊपर की ओर जाता है, फिर टारगेट पर गिरकर विस्फोट करता है। इसकी खास बात यह है कि सैनिकों को दुश्मन को सीधे देखने की जरूरत नहीं पड़ती। मोर्टार की मदद से पहाड़ी, दीवार या किसी अन्य आड़ के पीछे छिपे दुश्मन को भी निशाना बनाया जा सकता है। मोर्टार हल्का और आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकने वाला हथियार है। इसलिए इसका इस्तेमाल पैदल सेना बड़े पैमाने पर करती है। मोर्टार अलग-अलग आकार के होते हैं। छोटे मोर्टार सैनिक आसानी से साथ लेकर चल सकते हैं। जबकि, 81 मिमी और 120 मिमी जैसे बड़े मोर्टार लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम होते हैं। 120 मिमी का मोर्टार करीब 7.2 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को भी निशाना बना सकता है। ———————— ये खबर भी पढ़ेंः- नौकरी जॉइन करने से 2 दिन पहले पति की हत्या, 5 साल का अफेयर, 4 महीने पहले शादी ‘शादी के बाद हम दोनों काफी खुश थे, लेकिन घर वाले नाराज थे। भाई और मामा हमें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसलिए हमने घर छोड़ दिया। मुजफ्फरनगर में एक रिश्तेदार के घर रहने लगे। पति कहते थे- सब सही हो जाएगा। उसकी SSF में नौकरी लग गई थी। आज (11 जून) ज्वाइनिंग थी, लेकिन उन लोगों ने पहले ही उसकी जिंदगी छीन ली।’ ये बातें पुलिस भर्ती परीक्षा देने सहारनपुर आई आकांक्षा ने रोते हुए कहीं। पढ़ें पूरी खबर…
तालाब में मिला मोर्टार, बम स्क्वॉड बुलाया गया:एक युवक हाथ में पकड़कर दौड़ा; कानपुर देहात पुलिस ने इलाका सील किया
