मध्य प्रदेश में सक्रिय लॉरेंस विश्नोई गैंग के खास गुर्गे प्रदीप शुक्ला ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसे स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भोपाल ने मुरैना से गिरफ्तार किया था। वह 17 अप्रैल तक एसटीएफ की रिमांड पर है। पूछताछ में उसने एमपी में सक्रिय हैरी बॉक्सर (लॉरेंस गैंग) को लेकर बताया कि हैरी बॉक्सर से सीधा संपर्क में था। उसके कहने पर प्रदेश में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क का विस्तार कर रहा था। शूटरों को हायर करने की जिम्मेदारी उसे मिली थी। शूटरों को दो-तीन लाख रुपए तक हर काम के बदले दिए जाते थे। वारदात में इस्तेमाल हथियार भी वो ही मुहैया कराते थे। शूटर्स से संपर्क रखने के लिए फर्जी सिम और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाता था। शूटरों को रकम भी ऑनलाइन ही दी जाती थी। लंबे समय से पुलिस की नजर में था आरोपी आरोपी लंबे समय से पुलिस की नजर में था और अलग-अलग राज्यों में छिपकर गैंग के नेटवर्क को मजबूत कर रहा था। प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी से मध्य प्रदेश में सक्रिय गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं, जबकि कई अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। आरोपी को अशोकनगर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया था। लगातार लोकेशन बदलकर देता रहा चकमा एसटीएफ को प्रदीप शुक्ला की लंबे समय से तलाश थी। आखिरकार उसे धौलपुर-मुरैना बॉर्डर के पास एक गांव से पकड़ा गया। पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी की कार्रवाई की। प्रदीप लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। गिरफ्तारी के समय वह राजस्थान भागने की फिराक में था। उसकी गतिविधियों पर पहले से ही नजर रखी जा रही थी। इस ऑपरेशन को एसटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है। टारगेट की जानकारी जुटाकर सरगना तक पहुंचाता था प्रदीप शुक्ला अंतरराज्यीय स्तर पर गैंग के लिए काम कर रहा था। वह मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में नेटवर्क फैलाने में जुटा था। स्थानीय युवाओं को जोड़कर उसने अपना गैंग तैयार किया था। उसका काम टारगेट की पहचान करना और उनकी निगरानी करना था। वह हर जानकारी गैंग के सरगनाओं तक पहुंचाता था। इस वजह से उसे गैंग का अहम कड़ी माना जा रहा है। गोवा, पंजाब और हरियाणा तक फरारी काटी प्रदीप शुक्ला गोवा, पंजाब और हरियाणा में फरारी काट चुका है। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलता था। वह इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करता था ताकि ट्रैक न हो सके। मोबाइल सिम बार-बार बदलकर अपनी पहचान छुपाता था। उस पर हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों के केस दर्ज हैं। अब तक उसके खिलाफ 10 से ज्यादा गंभीर अपराध सामने आए हैं। पुलिस उसे लंबे समय से पकड़ने की कोशिश कर रही थी। प्रदेश भर के मामलों की जांच कर रही एसआईटी SIT प्रभारी और रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि प्रदेश में लॉरेंस गैंग से जुड़े सभी मामलों को SIT ने अपने हाथ में लिया है, जांच स्टेप-बाय-स्टेप आगे बढ़ रही। इसी के साथ अशोकनगर केस में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके। मुरैना से पकड़ा गया प्रदीप शुक्ला इस पूरे नेटवर्क का अहम किरदार बताया जा रहा। आगे उन्होंने बताया SIT की जांच में सामने आया है कि प्रदीप शुक्ला गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर का करीबी। हैरी बॉक्सर का लिए प्रदीप शुक्ला शूटर अरेंज करने का काम करता था। SIT अब प्रदीप शुक्ला से पूछताछ कर नेटवर्क की हर कड़ी जोड़ने में जुटी। भोपाल के कारोबारी को धमकी देने के मामले में भी पूछताछ भोपाल के कोलार रोड इलाके में कारोबारी गौरव जैन को 18 मार्च को विदेशी नंबरों से कॉल कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया। आरोपी ने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकियां दीं। इस मामले में भी पुलिस प्रदीप शुक्ला से पूछताछ कर रही है। एमपी के कारोबारियों को लॉरेंस गैंग से धमकी के पिछले महीने चार मामले सामने आए थे। इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को भी लॉरेंस विश्नोई के नाम से धमकी मिली थी। संजय ने इस मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई थी। 16 मार्च को खरगोन जिले में किसान कारोबारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग की घटना हुई थी। इस फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। गैंग के मेंबर हैरी बॉक्सर और आरजू विश्नोई ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की थी। बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर के बाहर गोलियां चलाई थीं, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। कौन है हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के रहने वाले हरिचंद जाट को आपराधिक दुनिया में ‘हैरी बॉक्सर’ के नाम से जाना जाता है। “बॉक्सर” उपनाम उसे इसलिए मिला क्योंकि उसने जयपुर में बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लिया था। हालांकि, खेल की दुनिया से हटकर वह बाद में अपराध की गतिविधियों में सक्रिय हो गया और लॉरेंस गैंग से जुड़ गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, हैरी बॉक्सर वर्ष 2024 में अवैध रूप से अमेरिका पहुंचा, जहां से वह गैंग के लिए काम कर रहा है। उस पर जबरन वसूली, धमकी भरे कॉल और मैसेज भेजने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैंग के नेटवर्क का समन्वय करने जैसे गंभीर आरोप हैं। हैरी बॉक्सर का नाम उस समय सुर्खियों में आया, जब कॉमेडियन कपिल वर्मा, अभिनेता रणवीर सिंह और निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी को धमकाने के मामलों में उसका कथित तौर पर नाम सामने आया। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल के सराफा व्यापारी को लॉरेंस गैंग की धमकी भोपाल के कोलार रोड इलाके में एक कारोबारी को विदेशी नंबरों से कॉल कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकियां दीं। पूरी खबर यहां पढ़ें… लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य रंगदारी मामले में गिरफ्तार अशोकनगर में व्यापारी को धमकी देने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य प्रदीप शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह यूपी के आगरा का रहने वाला है। उस पर अशोकनगर के एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है। पूरी खबर यहां पढ़ें… लॉरेंस गैंग के गुर्गे का एमपी में सरेंडर कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे राजपाल ने मध्य प्रदेश के नागदा में अपने गांव रत्न्यखेड़ी में गुरुवार को सरेंडर किया। इस दौरान उसने खरगोन के एक व्यापारी के घर पर फायरिंग कराने की बात कबूली। पढ़ें पूरी खबर…
मुरैना से पकड़ाए प्रदीप शुक्ला के हैरी बॉक्सर से संपर्क:MP में शूटर्स हायर कर देता था 2 से 3 लाख रुपए; टारगेट तलाशने की भी जिम्मेदारी
