यूपी के सहारनपुर में 19 वर्षीय बीडीएस छात्र हारिश अली, जिसे यूपी ATS (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड) ने मुरादाबाद से गिरफ्तार कर चुकी है, वो इस समय देश की सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। आरोप है कि एक साधारण छात्र की आड़ में उसने खतरनाक नेटवर्क खड़ा कर लिया था। जो युवाओं से लेकर डॉक्टरों तक को प्रभावित कर रहा था। हालांकि, ये सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और कोर्ट में साबित होना बाकी है। हर रविवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ता था मुरादाबाद से गिरफ्तार हारिश अली से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह हर रविवार को घंटों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने नेटवर्क से जुड़े लोगों से संपर्क करता था। हैरानी की बात ये है कि इन सेशन्स में सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि उससे दोगुनी उम्र के डॉक्टर और अन्य पेशेवर लोग भी शामिल होते थे। ATS के मुताबिक, हारिश रविवार को कॉलेज बंद होने के बावजूद अपने घर सहारनपुर नहीं जाता था। उसका रूम पार्टनर जब घर चला जाता था, तब वह कमरे में अकेले लैपटॉप पर कई घंटों तक सक्रिय रहता था। इसी दौरान वह कथित तौर पर अपने नेटवर्क को निर्देश देता और नए लोगों को जोड़ता था। रूम मेट को हुआ था शक एक दिन जब रूम पार्टनर ने गलती से उसका लैपटॉप इस्तेमाल कर लिया, तो हारिश ने उससे तीन दिन तक बात नहीं की। जिससे उससे डिजिटल सीक्रेसी को लेकर शक और गहरा गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, हारिश का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था। सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, प्रयागराज, आगरा, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर और शामली के अलावा दिल्ली, पंजाब और राजस्थान तक उसके संपर्क फैले होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह एक समय में 200 से अधिक लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंस से जोड़कर बात करता था। सरकार की खिलाफत करने वालों को टारगेट करता था एजेंसियों का कहना है कि हारिश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ऐसे लोगों को टारगेट करता था, जो पहले से ही सरकार या देश के खिलाफ टिप्पणी करते थे। इसके बाद वह उन्हें धीरे-धीरे अपने नेटवर्क में शामिल कर अपने विचारों से प्रभावित करता था। जांच में ये भी सामने आया है कि हारिश कथित तौर पर ऑनलाइन माध्यम से विदेशी आतंकी संगठनों से जुड़े तत्वों से ट्रेनिंग ले रहा था। इसके बाद वह धर्म और कौम के नाम पर लोगों को भड़काकर उन्हें अपने साथ जोड़ने का प्रयास करता था। उसने 50 से अधिक छात्रों को प्रभावित करने की कोशिश की। 11 मार्च को रची जा रही थी बड़ी साजिश 11 मार्च को कांठ रोड स्थित एक कैंटीन में हारिश तीन युवकों से मिला था। उन सबके बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई थी। एजेंसियों को शक है कि ये युवक किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। उनकी तलाश जारी है। इस मामले की जांच में एटीएस अब इसे पहले पकड़े जा चुके कथित ‘सफेदपोश आतंकी’ डॉ.अदील अहमद रठार के नेटवर्क से जोड़कर भी देख रही है। एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि क्या हारिश और डॉ. अदील रठार किसी एक ही नेटवर्क का हिस्सा हैं या इनके पीछे कोई समान हैंडलर काम कर रहा है। 5 बार जम्मू-कश्मीर गया हारिश क्योंकि जांच में सामने आया है कि हारिश करीब 5 बार जम्मू-कश्मीर गया था। अगर ये कनेक्शन साबित होता है, तो यह मामला एक बड़े संगठित मॉड्यूल का हिस्सा साबित हो सकता है। गिरफ्तारी के बाद जब ATS टीम सहारनपुर स्थित हारिश के घर पहुंची, तो वहां ताला लगा मिला। परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। इससे ये सवाल उठ रहा है कि क्या परिवार को पहले से कुछ जानकारी थी या गिरफ्तारी के बाद वे अचानक कहीं चले गए। हारिश के परिवार में सब पढ़े-लिखे हारिश अली (19) मूलरूप से सहारनपुर के मोहल्ला मनकामऊ का रहने वाला है। वह मुरादाबाद के एक संस्थान में BDS की पढ़ाई कर रहा है। हारिश का परिवार शिक्षा के मामले में काफी आगे रहा है। बड़ा भाई लखनऊ में एमबीबीएस और एमडी कर चुका डॉक्टर बताया जा रहा है। बहन महाराष्ट्र में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। पिता आईटीसी कंपनी में काम करते हैं। गांव में चर्चा यही है कि जहां पूरा परिवार पढ़ाई और नौकरी में लगा हो, वहां ऐसा मामला कैसे सामने आ गया? फिलहाल ATS ने उसे मुरादाबाद से पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि हारिश अली ने ‘अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन’ नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया था। इसमें वह भड़काऊ वीडियो और पोस्ट करता था। ATS और अन्य एजेंसियां हारिश अली के मोबाइल, लैपटॉप, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं। हालांकि, ये याद रखना जरूरी है कि अब तक सामने आए सभी तथ्य जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। अंतिम सच्चाई अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी। …………. ये खबर भी पढ़िए-
काशी में BSC छात्र का आधी रात अंतिम संस्कार:हत्यारोपी दंबग, नाम में माफिया लगाता है; कॉलेज में हत्या का VIDEO सामने आया वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) कैंपस में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह (21) की शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी छात्र मंजीत सिंह चौहान (21) को देर रात गिरफ्तार कर लिया। भागने की फिराक में उसका एक पैर टूट गया था। थाना शिवपुर में उसे लाकर पूछताछ की जा रही है। इससे पहले, बीएचयू पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। सूर्य के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता बार-बार जमीन पर बैठ जा रहे थे। आसपास के लोग उन्हें संभालते, समझाते। लोग उनसे बार-बार बेटे के अंतिम दर्शन के लिए कहते, लेकिन वो हिम्मत नहीं जुटा पाते। काफी देर बाद उन्होंने बेटे को आखिरी बार देखा। पढ़ें पूरी खबर
BDS छात्र हारिश का डिजिटल कट्टरपंथी नेटवर्क:कई राज्यों के 200 से ज्यादा लोगों के संपर्क में था, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देता था ट्रेनिंग
