कांग्रेस में अलग राह पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह:चंबल के बाद अब बुंदेलखंड में घर-घर घूम रहे, तीन साल माला नहीं पहनेंगे

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एमपी में विधानसभा चुनाव में पौने तीन साल बाकी हैं। लेकिन, कांग्रेस में पावर की रेस तेज है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कई नेताओं को मंत्री, उपमुख्यमंत्री बनाने की बात कह चुके हैं। तो कई मंचों से आदिवासी सीएम बनाने की मांग भी उठ चुकी है। अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सीधी जिले की चुरहट सीट से सात बार के कांग्रेस विधायक अजय सिंह “राहुल” प्रदेश भर में दौरे पर निकले हैं। अजय सिंह ने पिछले महीने चार दिनों तक चंबल का दौरा किया। अब वे बुन्देलखंड के दौरा करके पुराने कांग्रेसियों से मिल रहे हैं। विंध्य को छोड़कर दूसरे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रहे अजय सिंह के पिता अर्जुन सिंह मप्र के मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार में मंत्री के साथ ही राज्यपाल भी रहे हैं। अजय सिंह भी मप्र सरकार में मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। अब वे अपने विंध्य क्षेत्र के अलावा दूसरे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रहे हैं। दौरों में अजय सिंह के बयान साफ बता रहे हैं कि वे अपनी जगह खुद बना रहे हैं। और चुनाव के पहले विंध्य क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में अपनी टीम बनाने में जुटे हैं। अब बयानों से समझिए अजय सिंह की प्लानिंग 7 बार का विधायक, मेरे पास कोई काम नहीं 16 मार्च को बुन्देलखंड के दौरे पर निकले अजय सिंह ने ओरछा में रामराजा सरकार के दर्शन किए। इसके बाद वे निवाड़ी पहुंचे। यहां मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा- मैं फुर्सत में हूं… सात बार का विधायक हूं, ज्यादा काम धाम है… नहीं तो सोचा यही करूं। अजय सिंह ने निवाड़ी में कहा कि जो कांग्रेसी घर में बैठे है उन्हें जोड़ने के लिए मैं यह यात्रा कर रहा हूं। अर्जुन सिंह से जुड़े कांग्रेसियों से मिल रहे अजय सिंह राहुल अपने पिता और स्वर्गीय अर्जुन सिंह से जुडे़ पुराने कांग्रेसियों से मिल रहे हैं। मंचीय कार्यक्रमों के बजाए वे सिर्फ जिला कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकातें कर रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर जाकर मिल रहे हैं। चंबल में चार दिन घूमे अजय सिंह राहुल बीते फरवरी के महीने में 11 से 15 फरवरी तक चंबल अंचल में घूमे। ग्वालियर से लेकर मुरैना, भिंड और दतिया जिले में वे पुराने कांग्रेसियों से मिले। लहार में डॉ. गोविन्द सिंह के निवास पर मीडिया से अजय सिंह ने कहा मैं प्रदेश की प्रत्येक उस विधानसभा में जाकर संपर्क करूंगा, जहां हमारे कार्यकर्ता शांत बैठे हैं या जागरुक नहीं है। सभी से मिलकर उनको जागरुक करूंगा। किन्ही कारणों से घर बैठे वरिष्ट नेताओं से मिलकर रणनीति सीखने और समझने का प्रयास करूंगा। अजय सिंह ने 14 फरवरी को लहार में कहा- प्रत्येक नेता का अपना एक क्षेत्र होता है। अगर कोई ग्वालियर-चंबल का है तो वह विंध्य में नहीं जाता और अगर कोई मालवा का है, तो वह चंबल में नहीं जाता। अब सियासी समीकरण भी समझिए
अजय सिंह राहुल ने प्रदेश के दौरे की शुरुआत चंबल अंचल से की। चंबल में कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है। पिछले 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम अंतर से हारने वाली सीटें चंबल-ग्वालियर अंचल की ही थी। ऐसे में अजय सिंह ने चंबल से दौरों की शुरुआत की है। 4 मार्च को वे मुरैना जिले के पहाड़गढ़ में दलकू बाबा की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की मौजूदगी में उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था- यहां के लोग विंध्य में रिश्तेदारी करने नहीं जाते, और वहां के लोग यहां शादी संबंध नहीं करते। अब समय आ गया है कि चंबल और विंध्य के बीच रिश्तेदारियां बढे़ें। विंध्य क्षेत्र से लगे बुन्देलखंड में अर्जुन सिंह के जमाने से कई कद्दावर कांग्रेसी अजय सिंह से जुडे़ रहे हैं। लेकिन, अजय सिंह विंध्य क्षेत्र को छोड़कर बुन्देलखंड में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। मध्य प्रदेश गठन के पहले बुन्देलखंड भी विंध्य प्रदेश में शामिल था। अब अजय सिंह इस क्षेत्र में कांग्रेसियों के घर-घर जाकर संपर्क बढ़ा रहे हैं। 2028 में बनेगी कांग्रेस सरकार अजय सिंह ने टीकमगढ़ में कहा मैं ठंडे पड़े कांग्रेसियों में ऊर्जा भरने निकले हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में भी उन्होंने पूरे प्रदेश में यात्रा निकाली थी और उस दौरान माला न पहनने का फैसला लिया था, जिसके बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि वह सरकार पूरी नहीं चल सकी, जिसकी वजहें अलग हैं। इस बार भी उन्होंने यात्रा के दौरान माला न पहनने का फैसला लिया है। अजय सिंह ने विश्वास जताया कि 2028 में फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी और इस बार वह पूरे 5 साल चलेगी भी।