OBC आरक्षण पर अब 13, 14, 15 मई को सुनवाई:जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई टली; सुप्रीम कोर्ट की याचिकाओं का रिकॉर्ड नहीं हुआ पेश

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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण पर फैसले की उम्मीद लगाए पक्षों को बड़ा झटका लगा है। आरक्षण पर फाइनल सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। साथ ही फाइनल हियरिंग के लिए नई तारीखों का भी ऐलान किया गया है। मामले पर अब 13, 14 और 15 मई से हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की याचिकाओं का रिकॉर्ड पेश नहीं होने के कारण यह सुनवाई टल गई। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से रिकॉर्ड ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई दस्तावेज अपलोड होने के बाद ही शुरू होगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसफर हुई चार लंबित याचिकाओं की अब तक लिस्टिंग नहीं की गई थी। कोर्ट ने फिर से तीन तारीखें तय कीं ओबीसी आरक्षण की सुनवाई 27, 28 और 29 अप्रैल को लगातार होनी थी, लेकिन दूसरे दिन ही तकनीकी कमी के चलते यह टल गई। 28 अप्रैल, मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिर से तीन नई तारीखें तय की हैं। सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर का कहना है कि जनवरी 2025 में जब हाईकोर्ट ने ओबीसी प्रकरणों की सुनवाई शुरू करनी चाही, तो सरकार ने सभी प्रकरण सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करा दिए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कराने के लिए दो अधिवक्ता पी. विलशन और शशांक रतनू को नियुक्त किया गया। जब इन अधिवक्ताओं ने सरकार से रिकॉर्ड तलब किया और सुनवाई के लिए ओआईसी से शपथ पत्र मांगा, तो दोनों अधिवक्ताओं को हटा दिया गया। विशेष बेंच गठित कर 3 महीने में निराकरण का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि मध्य प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के मामलों का हवाला देकर प्रकरणों को हाईकोर्ट, जबलपुर से गलत तरीके से ट्रांसफर कराया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 और 20 मार्च 2026 को आदेश पारित करते हुए सभी मामलों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को वापस भेज दिया। साथ ही अनुरोध किया कि एक विशेष बेंच गठित कर इन मामलों का निराकरण 3 महीने की अवधि के भीतर किया जाए। हाईकोर्ट ने पूछा- कौन रखेगा पक्ष 27 अप्रैल 2026 की सुनवाई में हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से बहस के लिए आवश्यक समय की जानकारी मांगी थी। इस दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अपना-अपना समय बताया। वहीं, हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से भी पूछा कि सरकार की ओर से कौन पक्ष रखेगा। इस पर महाधिवक्ता ने एक दिन का समय लिया था। 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में जीएडी का 27 अप्रैल 2026 का आदेश प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे। ओबीसी वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, वरुण ठाकुर, शशांक रतनू, पुष्पेंद्र शाह, अखिलेश प्रजापति, उदय कुमार साहू, रमेश प्रजापति और परमानंद साहू उपस्थित रहे।