फरीदाबाद जिले में रिश्वत लेने के एक मामले में पुलिस विभाग के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी ASI जसपाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया और उसे सजा सुनाई। बता दे कि कोर्ट ने ASI जसपाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 4 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही धारा 13(1)(b) सहपठित धारा 13(2) के तहत भी 4 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। शिकायत पर ACB ने की कार्रवाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक धारा में छह-छह महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। बता दे कि मामला 7 जुलाई 2023 का है। नगला एनक्लेव पार्ट-2 के रहने वाले श्रीनिवास ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को दी गई शिकायत में बताया था कि वह एक निजी कंपनी में लेबर सप्लाई का काम करता है। 1 लाख की मांगी थी रिश्वत वहीं पीएफ जमा कराने को लेकर उसका एक कंपनी से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते संबंधित कंपनी की ओर से मुजेसर थाना में श्रीनिवास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।शिकायतकर्ता का आरोप था कि मुजेसर थाने में तैनात ASI जसपाल ने मामले को रफा-दफा करने के बदले उससे एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। दबाव में आकर श्रीनिवास ने ASI जसपाल को 70 हजार रुपए दे दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ASI लगातार शेष 30 हजार रुपए की मांग को लेकर उसे परेशान करता रहा।
फरीदाबाद में रिश्वतखोर ASI को कोर्ट ने सुनाई सजा:4 साल कैद-20 हजार जुर्माना लगाया, काम के बदले मांगे थे ₹1 लाख
