हिसार में 10वीं की छात्रा की अपहरण:बिहार ले जाने की आशंका, पीड़ित पिता बोले-पुलिस समझौता करने का दबाव बना रही

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हरियाणा के हिसार शहर के अर्बन एस्टेट थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसे अनैतिक कार्यों (वेश्यावृत्ति) में बेचने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पिता ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को गुहार लगाते हुए बताया कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया और अब आरोपी उसे जान से मारने और परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। जिंदल लेबर कॉलोनी निवासी ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी , जो 10वीं कक्षा में पढ़ती है, बीते 8 सितंबर 2025 से लापता है। इस मामले में पुलिस ने 9 नवंबर को अर्बन एस्टेट थाना में FIR (नंबर 404) दर्ज की थी। पिता का आरोप है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अब पीड़ित ने हारकर कानूनी मदद ली है। पीड़ित के वकील एडवोकेट साहिल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने आज तक पीड़ित परिवार के लिए कोई कार्रवाई नहीं है इसलिए कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट कर रहे हैं कि आज तक पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है। बैंक खाते से गोरखपुर में निकले पैसे
शिकायत के अनुसार, मुख्य आरोपी अमन ने अपने पिता लालचंद और भाई बिट्टू के साथ मिलकर साजिश रची। आरोपियों ने छात्रा के बैंक खाते से गोरखपुर (UP) में पैसे भी निकाले। जब पिता ने आरोपियों से संपर्क किया, तो आरोपी लालचंद ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने लड़की को अनैतिक देह व्यापार के धंधे में बेच दिया है और उससे मोटी रकम कमाई है। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी पहुंच बड़े राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों तक है, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जांच अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक (SP) को दी शिकायत में आरोप लगाया कि जब उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, तो जांच अधिकारी ने उन्हें और उनके परिवार को थाने बुलाकर आरोपियों के सामने ही अपमानित किया। आरोप है कि पुलिस पीड़िता के परिवार पर शिकायत वापस लेने और समझौता करने का दबाव बना रही है। आरोपियों ने धमकी दी है कि अगर समझौता नहीं किया, तो वे पिता को उम्रकैद की सजा करवा देंगे। पीड़ित की मांग: उच्च अधिकारी करें जांच
लाचार पिता ने हाथ जोड़कर प्रशासन से विनती की है कि इस मामले की जांच किसी उच्च अधिकारी (आला अधिकारी) से करवाई जाए ताकि उनकी मासूम बेटी को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया जा सके और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।