झालसा के निर्देश पर जिला न्यायाधीश पहुंचे वृद्धाश्रम

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इस मौके पर न्यायाधीश तिवारी ने कहा कि वृद्धजनों की जरूरतों को पूरा करने और वृद्धजनों की भावात्मक जरूरतों के प्रति संवेदनशील सामाजिक वातावरण बनाए जाने की आवश्यकता है। माता-पिता और बुजुर्गों को बोझ न मानकर सम्मान और सुरक्षा देना न केवल हमारा नैतिक कर्तव्य है, बल्कि कानून की ओर से भी संरक्षित है।

उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की धरोहर हैं और उनका सम्मान तथा देखभाल करना हम सबकी जिम्मेदारी है। माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 इसी उद्देश्य से बनाया गया है।

इस मौके पर डीएसडब्ल्यू स्नेह कश्यप, एलएडीसीएस के चीफ कुमार विमलेन्दु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, असिस्टेंट कन्हैयालाल ठाकुर पैरालीगल वॉलंटियर चंदन कुमार, हेमराज चौहान, संध्या देवी, डालसा सहायक सौरभ सरकार, अरुण कुमार वृद्धाश्रम के अध्यक्ष नौशाद गद्दी, सहसचिव सुरेंद्र कुमार यादव, सुधीर बर्नवाल, ओमकार मिश्रा, मानस रंजन पाल, सराय ढेला थाना प्रभारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।