उन्होंने याद दिलाया कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने पहले ही कैबिनेट में एक लाख नौकरी देने का झूठा वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद डेढ़ लाख से ज्यादा पद समाप्त कर दिए गए और 15 हजार से अधिक लोगों की नौकरियां छीन ली गईं।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि यह वही मंत्री हैं जिन्होंने भगवान की झूठी कसमें खाकर और अपने आला नेताओं का हवाला देकर लोगों को बरगलाया था। आज गारंटियों की चर्चा आते ही वे बगलें झांकते हैं। मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री अपने ही बयानों से पलट चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर केवल नेताओं के परिवारजन और खास मित्र ही लाभ उठा रहे हैं जबकि आम जनता मामूली सुविधाओं के लिए भी तरस रही है। आपदा से पीड़ित लोगों को न तो राहत मिली, न ही सड़कों और मुख्य मार्गों की बहाली हो पाई। लोगों की मेहनत की फसलें खेतों में सड़ गईं और सरकार आंखें मूंदे बैठी रही।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को कोई अधिकार नहीं दिया, इसलिए वे जनता के पास जाने से भी बचते हैं। लेकिन जनता अब हर मोर्चे पर उनसे हिसाब मांगने को तैयार बैठी है।
