AMU टीचर के हत्यारोपी जुबैर को STF ने मार गिराया:मेरठ में मुनीर गैंग के मेंबर का एनकाउंटर; एक लाख का इनामी, 24 मुकदमे दर्ज थे

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के टीचर के हत्यारोपी जुबैर को मेरठ में STF ने बुधवार तड़के 4 बजे मार गिराया। STF एसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया- उन्हें सूचना मिली थी कि जुबैर मेरठ में किसी की हत्या करने आया था। वह एक बंद फैक्ट्री में छिपा हुआ था और साथियों का इंतजार कर रहा था। सूचना पर STF ने जुबैर को घेरा तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में जुबैर के पेट और सीने में गोली लग गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। STF के मुताबिक, दोनों तरफ से 36 राउंड फायरिंग हुई। इसमें जुबैर ने 20 राउंड फायरिंग की। मुठभेड़ शहर से 12 किमी दूर अलीपुर थाना क्षेत्र में हुई। जुबैर मुनीर गैंग का मेंबर था। एसपी STF (प्रभारी, मेरठ यूनिट) बृजेश कुमार सिंह ने बताया- जुबैर ने 24 दिसंबर 2025 को साथियों के साथ मिलकर AMU में टीचर दानिश अली की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसी मामले में पुलिस ने उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आज मुठभेड़ में वह मारा गया। जुबैर के पास से एक बाइक, 32 बोर की दो पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। 11 साल पहले क्राइम की दुनिया में कदम रखा, मुनीर गैंग से जुड़ा जुबैर अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के नौशा गांव का रहने वाला था। इस समय वह शाहीन बाग, दिल्ली में रहता था। उसने 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। 2017 में वह मुनीर गैंग से जुड़ गया। इसके बाद उसने अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया और हथियारों की तस्करी करने लगा। उसके खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली में हत्या और लूट जैसी धाराओं में 24 मुकदमे दर्ज थे। AMU के टीचर को मारी थीं 5 गोलियां
24 दिसंबर 2025 की रात 8.45 बजे AMU के टीचर राव दानिश अली अपने दोस्तों के साथ कैनेडी हॉल पार्क में टहलकर निकले थे। मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन के पास नकाबपोशों ने स्कूटी रोकी। उनसे कहा ‘अब तो पहचानोगे, मैं कौन हूं।’ इतना कहते हुए बदमाश ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं और भाग निकले। गोली दानिश के सिर में लगी थी। दोस्तों ने उनके छोटे भाई राव फराज अली को सूचना दी। घटनास्थल के पास ही सुलेमान हॉल में मौजूद फराज अली कुछ ही समय में मौके पर पहुंचे और लहूलुहान भाई को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राव दानिश अली AMU के एबीके बॉयल स्कूल में कंप्यूटर टीचर थे। उस वक्त पुलिस जांच में सामने आया था कि 2018 में शाहबेज की हत्या हुई थी। जुबैर ने अपने भाइयों यासिर और फहद के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में जुबैर को 7 साल की सजा हुई थी। जुबैर को शक था कि दानिश ने उसके खिलाफ पुलिस को मुखबिरी की थी। इसके बाद उसने दानिश की हत्या की साजिश रची थी। 3 दिन में 4 बदमाश एनकाउंटर में ढेर 3 दिन में चार बदमाश एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं। जुबैर से पहले सोमवार रात चंदौली पुलिस ने 26 घंटे के भीतर हत्या करने वाले साइको किलर गुरप्रीत सिंह को एनकाउंटर में ढेर किया था। वहीं, मंगलवार देर रात गाजियाबाद में कैश वैन से 27 लाख रुपये लूटने वाले दो बदमाश समीर और जुबैर को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। आखिरी में अब मुनीर गैंग के बारे में जानिए, जिससे जुबैर जुड़ा था ये खबर भी पढ़िए- अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का लखनऊ में निधन:मौत की वजह अभी पता नहीं, 38 साल के थे, पत्नी अपर्णा भाजपा नेता समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 38 साल थी। सुबह 6 बजे पत्नी अपर्णा यादव के भाई उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल के CMS डॉ. डीसी पांडेय के मुताबिक, जब प्रतीक को लाया गया, तब उनकी पल्स पूरी तरह डाउन थी। हार्ट भी रुक चुका था। प्रतीक की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा फिलहाल असम में हैं। वह लखनऊ के लिए रवाना हो गई हैं। पढ़ें पूरी खबर