Dehradun News: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले लैब टेक्नीशियन आज खुद बीमार सिस्टम के शिकार हैं. राज्य बने 26 साल हो गए, लेकिन अभी तक इनके लिए न तो कोई पक्की भर्ती नीति बनी और न ही खाली पद भरे गए. आलम यह है कि 3500 से ज्यादा डिग्री धारक युवा सड़कों पर बेरोजगार घूम रहे हैं और उनकी उम्र निकलती जा रही है. दूसरी ओर, पहाड़ों में लोग एक छोटी सी खून जांच के लिए भी मीलों दूर शहर भागने को मजबूर हैं. अपनी उपेक्षा से नाराज इन युवाओं ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है.
‘उत्तराखंड जवान हो गया, हम बूढ़े हो गए’…भर्ती के इंतजार में निकल गई उम्र, लैब टेक्नीशियनों का छलका दर्द
