यूपी को 15 दिन में मिलेगा स्थायी DGP:राजीव कृष्ण 3 सीनियरों को पछाड़कर सबसे आगे, रेणुका के नाम पर भी चर्चा

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यूपी में स्थायी DGP की नियुक्ति को लेकर 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। इसे लेकर हलचल तेज हो गई है। सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 15 दिनों में टॉप-3 IPS अफसरों की लिस्ट यूपी सरकार को भेजेगा। उनमें राजीव कृष्ण का नाम भी शामिल होगा। रेणुका मिश्रा, पीयूष आनंद, आलोक शर्मा, राजीव कृष्ण और पीसी मीणा टॉप-5 में हैं। इनमें रेणुका मिश्रा 1990 बैच की हैं, बाकि सभी 1991 बैच के हैं। सीनियरिटी के हिसाब से राजीव कृष्ण चौथे नंबर पर आते हैं। लेकिन, आलोक शर्मा जून 2026 में रिटायर हो जाएंगे। रेणुका मिश्रा को यूपी सरकार ने पद के लिए सही नहीं माना है। उन पर 2024 में सिपाही भर्ती परीक्षा में लापरवाही का आरोप है। राजीव कृष्ण से सीनियर अब केवल उन्हीं के बैच के पीयूष आनंद बचे हैं, जो सेंट्रल डिपुटेशन पर हैं। अब सवाल ये है कि राजीव कृष्ण ही स्थायी DGP बनेंगे या कोई और? अगर राजीव कृष्ण बने तो कब तक DGP रह सकते हैं? DGP के लिए और कौन से अफसर एलिजिबल हैं? राजीव कृष्ण DGP बनने की रेस में सबसे आगे
राजीव कृष्ण 1 जून, 2025 से यूपी के कार्यवाहक DGP हैं। पिछले साल 31 मई को प्रशांत कुमार के रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कार्यभार संभाला था। वे 11 IPS अफसरों को सुपरसीड करके कार्यवाहक DGP बने थे। इनमें रेणुका मिश्रा, पीयूष आनंद और आलोक शर्मा को छोड़कर सभी अफसर रिटायर हो चुके हैं। राजीव कृष्ण की छवि कड़क और सीएम के करीबी अफसरों में है। संभावना है कि UPSC अपने तीन नामों के पैनल में राजीव कृष्ण का नाम भेजेगा। इसके बाद उन्हें प्रदेश का स्थायी DGP बनाया जाएगा। राजीव कृष्ण स्थायी DGP बने तो 3 साल पद पर रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, अगर कोई IPS अफसर स्थायी DGP बनता है तो उसका कार्यकाल कम से कम 2 साल का होगा। इसके बाद राज्य सरकार डिसीजन लेगी। राजीव कृष्ण 1991 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनकी रिटायरमेंट डेट 30 जून, 2029 है। इस हिसाब से वे 2029 तक इस पद पर रह सकते हैं। आलोक शर्मा जून में हो रहे हैं रिटायर
UPSC की गाइडलाइन के अनुसार, जिस IPS अफसर की सेवा 6 महीने से कम बची होगी, उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने मौजूदा DGP पोस्ट की डेट ऑफ वैकेंसी सुप्रीम कोर्ट की उस तारीख को माना है, जिसमें कोर्ट ने DGP की स्थायी नियुक्ति के लिए नया आदेश जारी किया था। ये आदेश 5 फरवरी को जारी किया गया। आलोक शर्मा का रिटायरमेंट 30 जून 2026 है। इस कारण वे DGP बनने की रेस से बाहर हो गए। रेणुका मिश्रा के नाम पर हो सकता है विचार
1990 बैच की IPS रेणुका मिश्रा लंबे समय से किसी पद पर नहीं हैं। UPSC को 16 मार्च, 2026 को भेजे गए लेटर में यूपी सरकार ने कहा- रेणुका मिश्रा 14 फरवरी, 2023 से 5 मार्च, 2024 तक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की चेयरमैन रहीं। इस दौरान सिपाही भर्ती परीक्षा हुई। 24 फरवरी 2024 को परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इसके बाद रिटन एग्जाम कैंसिल कर दिया गया। जांच में पता चला कि भर्ती बोर्ड ने एक ब्लैक लिस्टेड फर्म को पेपर छापने की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इस लापरवाही के लिए रेणुका मिश्रा को जिम्मेदार माना गया और उन्हें भर्ती बोर्ड से हटा दिया गया। हालांकि, UPSC उनके नाम पर अब भी विचार कर सकती है, क्योंकि रेणुका मिश्रा के खिलाफ सरकार ने अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है। इसका मतलब है कि कागजों पर वे अभी भी ‘क्लीन’ हैं। UPSC ने अगर रेणुका मिश्रा को कंसीडर किया तो उनके बाद दूसरे नंबर पर पीयूष आनंद होंगे। पीयूष सेंट्रल डिपुटेशन पर NDRF में बतौर डीजी पोस्टेड हैं। तीसरे नंबर पर मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण हैं। अगर रेणुका पैनल में नहीं रहेंगी तो तीसरे अफसर के रूप में 1991 बैच के IPS डीजी जेल पीसी मीणा का नाम शामिल होगा। 4 साल में 5 कार्यवाहक DGP बने
यूपी में बीते 4 साल से कोई स्थायी DGP नहीं है। 11 मई, 2022 को स्थायी DGP मुकुल गोयल को सरकार ने हटा दिया था। इसके बाद से प्रदेश को कार्यवाहक DGP ही मिलते रहे। मुकुल गोयल के हटने के बाद डीएस चौहान को कार्यवाहक DGP बनाया गया। इसके बाद आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार और प्रशांत कुमार को कार्यवाहक DGP बनाया गया। उनके बाद राजीव कृष्ण कार्यवाहक DGP हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी के स्थायी DGP का प्रपोजल यूपीएससी ने लौटाया:दोबारा भेजने के लिए 3 महीने का टाइम; जो लिस्ट भेजी उसमें राजीव कृष्ण टॉप पर यूपी के स्थायी DGP का प्रपोजल यूपीएससी ने आपत्ति लगाकर मुख्य सचिव को लौटा दिया है। जो प्रपोजल भेजा गया था, उसमें राजीव कृष्ण का स्थायी DGP बनना तय माना जा रहा था। राजीव कृष्ण यूपी के लगातार 5वें कार्यवाहक DGP हैं। पूरी खबर पढें…