गर्लफ्रेंड को मारकर फेंका, जानवर पूरा शरीर खा गए:परिवार को सिर्फ हडि्डयां मिलीं; प्रयागराज में मां बोली- एक के बदले 4 जान चाहिए

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प्रयागराज में 17 साल के लड़के ने 9वीं में पढ़ने वाली गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। 17 दिन तक लाश झाड़ियों में पड़ी सड़ती रही। पूरा शरीर जानवर खा गए। छात्रा के घरवाले पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे तो उन्हें शव के नाम पर बेटी के कपड़े और हडि्डयां ही मिलीं। शव का इतना बुरा हाल था कि उसे देख मां सुनीता पाल बेहोश हो गईं। होश आने के बाद चीखती रहीं। कहा- ‘बदला चाहिए। एक जान गई है, बदले में चार जान चाहिए। कातिल के साथ उसके घरवालों और मामा की जान चाहिए। बॉयफ्रेंड के हाथों मारी गई खुशी पाल की बड़ी बहन खुशबू ने कहा, ‘हत्यारे को फांसी होनी चाहिए। पूरे परिवार ने मिलकर मर्डर कराया है।’ खुशबू ने कहा कि मैं चाहती हूं कि फांसी हो…और कुछ नहीं। उसकी फैमिली भी उसी लायक है। लड़के के मामा, मामी, मम्मी, पापा सब इस हत्याकांड में शामिल हैं। खुशी की बहन मुस्कान ने बताया, एक महीने पहले हम लोगों को दोनों के अफेयर के बारे में जानकारी हुई थी। हमारे परिवार ने लड़के को समझाया था। तब उसने मुझसे कहा था कि अपनी बहन से कह देना या तो मुझे चुने या परिवार को चुन ले। मेरी बहन को मारने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। छात्र के घरवाले भागे, पड़ोसियों को यकीन नहीं
आरोपी छात्र के गिरफ्तार होने के बाद से पिता सुरेश वर्मा, मां सीमा और छोटा भाई अपूर्व भागे हुए हैं। घर पर ताला लगा है। घर के आसपास रहने वाले रिश्तेदार और पड़ोसी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि इंटर में पढ़ने वाला लड़का इतना जघन्य हत्याकांड अंजाम दे सकता है। आरोपी के पिता सुरेश खुद का ऑटो चलाते हैं। पड़ोसी संजीव वर्मा ने कहा कि पूरा गांव जानता है कि वह सीधा लड़का था। मर्डर कर देगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। संजीव का कहना है कि हमेशा अपने काम से काम रखता था। लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। एफआईआर में जिस रिया का नाम, वो थाने में रोती रही
खुशी पाल जब घर से भागी थी तो उसकी मां सुनीता पाल ने प्रेमी के साथ ही रिया पटेल नाम की लड़की को नामजद किया था। हत्याकांड से पर्दा उठने के बाद पुलिस ने रिया को भी हिरासत में ले लिया है। उससे लंबी पूछताछ हुई है। पकड़े जाने पर रिया थाने में रोती रही। लव स्टोरी में दोस्त रिया का अहम रोल
खुशी की बहन खुशबू का कहना है कि रिया पटेल आरोपी की क्लासमेट है। आरोपी ने उसे अपनी मुंहबोली बहन बनाकर खुशी से मिलवाया था। खुशी से हर समय बातचीत, मिलना-जुलना रिया के जरिए ही होता था। खुशी ने मोबइल में रिया का नंबर सेव कर रखा था। इंस्टाग्राम पर दोस्ती…मुलाकात का ठिकाना अलग
आरोपी और लड़की के पुश्तैनी घर के बीच की दूरी करीब 30 किलोमीटर है। दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई। फिर मिलने का बहाना तलाशने लगे। इस अहम कड़ी में एक घर काम आया। खुशी की बुआ का घर अराइतपुर सोरांव में है। जबकि उसके पड़ोस में ही लड़के की नानी का घर है। बस बातचीत होते-होते दोनों अपने रिश्तेदार के घर जाकर रहने लगे। दोनों की क्लासमेट रिया पटेल के जरिए बात-मुलाकात होने लगी। लव मैरिज करना चाहती थी खुशी
दोनों के परिवार के लोग नाबालिग होने की वजह से सख्ती कर रहे थे। खुशी चाहती थी कि लव मैरिज कर ले। इसके बाद एक रिश्तेदार वकील से बात भी हुई थी। बाद में लड़के के मामा आदि ने विरोध कर मामला रुकवा दिया था। अब पूरा मामला समझिए… जमुनीपुर गांव निवासी ऑटो चालक लक्ष्मी नारायण पाल की बेटी खुशी (17) का बहरिया इलाके के रहने वाले लड़के (17) से अफेयर था। खुशी 4 बहनों में दूसरे नंबर पर थी। गांव के ही मोतीलाल इंटर कॉलेज में कक्षा 9 में पढ़ती थी। दोनों परिवारों को उनकी नजदीकी का पता चला तो बच्चों को समझाया और दूर रहने को कहा। नहीं मानने पर लड़की के घरवालों ने युवक को पीटा भी। इस बीच खुशी शादी का दबाव बनाती रही। खुशी से छुटकारा पाने के लिए लड़के ने हत्या का प्लान बनाया। उसने खुशी को 20 अप्रैल को दिन में मिलने के लिए बुलाया। दोनों ने तय किया कि घर से भाग जाएंगे। प्लान के मुताबिक, खुशी को लेकर आरोपी रात के वक्त घर से भाग निकला। फिर शारदा की सहायक नहर के पास ले जाकर चाकू से कई वार किए। दुपट्‌टे से गला घोंट दिया। फिर लाश फेंककर भाग गया। —————— ये खबर भी पढ़ें… मथुरा में 2 डकैत एनकाउंटर में मारे गए:जिस कारोबारी को बंधक बनाकर डाका डाला था, वह बोला- बढ़िया काम हुआ मथुरा में कारोबारी को बंधक बनाकर डकैती डालने वाले दो डकैतों को गुरुवार सुबह पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। बाबरिया गिरोह के दोनों डकैतों पर 50-50 हजार का इनाम था। मारे गए डकैतों में धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) हैं। दोनों मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले थे। दोनों ने अपने 5 साथियों के साथ मिलकर किराना कारोबारी अजय अग्रवाल के घर पर डाका डाला था। मथुरा से 50 किमी दूर टैंटीगांव में 23 अप्रैल की रात उनके घर पर परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। डकैतों के एनकाउंटर की खबर लगने के बाद कारोबारी ने कहा- मजा आ गया, पुलिस ने बढ़िया काम किया। पढ़ें पूरी खबर