दम हो, गोरखपुर से लड़िए- अखिलेश को स्मृति की चुनौती:बोलीं- हमने कांग्रेस अध्यक्ष को उनके गढ़ में हराया था

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पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। स्मृति ईरानी ने अखिलेश के ‘सास-बहू’ वाले तंज पर कहा- विरासत की राजनीति पाने वाले कामकाजी महिला पर टिप्पणी कर रहे हैं। पुराने विषयों को लेकर सवाल उठाना आसान है। अगर इतना ही दम है तो अपने पैतृक क्षेत्र (कन्नौज) को छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। लेकिन उनमें इतना दम नहीं, हमने तो कांग्रेस अध्यक्ष को उनके गढ़ (अमेठी) में हराया है। स्मृति ईरानी ने 2019 में राहुल गांधी को अमेठी में लोकसभा चुनाव हराया था। उस वक्त राहुल कांग्रेस के अध्यक्ष थे। पूर्व मंत्री ईरानी शुक्रवार को वाराणसी में थीं। उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ ‘नारी शक्ति वंदन’ (सशक्त नारी, सशक्त भारत) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। स्मृति बोलीं- आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का फोकस नहीं
स्मृति ईरानी ने कहा, अखिलेश यादव महिला आरक्षण बिल पर फोकस नहीं है। उन्होंने सपा प्रमुख को सीरियल छोड़कर संसद के काम पर ध्यान देने और महिला सशक्तीकरण बिल का समर्थन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, उन्हें मेरी याद आना अच्छा है। कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है, खासकर उनके लिए जिन्होंने कभी खुद कहीं नौकरी ना की हो। या फिर अपनी पहचान मेहनत से बनाई हो। उन्होंने कहा, हम जैसे लोग टैक्स भरते हैं, इसलिए नहीं कि सदन में सास-बहू की बातें हो। संसद में जाकर अपने संसदीय कार्य पर ध्यान दें। लेकिन, इस बात की खुशी भी है कि उनका उत्तर प्रदेश में विपक्ष में रहना सुनिश्चित है, क्योंकि यूपी की राजनीति करने वालों को इतना पता है कि गांव-गांव और पात-पात घूमते-घूमते इतना वक्त बीत जाता है कि सीरियल देखने का टाइम एक गंभीर राजनेता के पास नहीं होता है। देश की जनता और अल्पसंख्यकों को बरगलाया जा रहा
केंद्रीय मंत्री ने कहा, महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर विपक्ष देश की जनता और अल्पसंख्यकों को गुमराह कर रहा है। अखिलेश यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग को भारत का संविधान धर्म के आधार पर स्वीकार नहीं करता। संवैधानिक मर्यादाओं को जानते हुए भी विपक्ष मुस्लिम समाज को क्यों बरगला रहे हैं? अखिलेश यादव वाकई मुस्लिम महिलाओं के उत्थान के प्रति गंभीर होते, तो वे ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर उनके विरोध में खड़े नजर नहीं आते। स्मृति ईरानी ने इसे केवल ‘हेडलाइन चेजिंग’ और ‘वोट बैंक’ की राजनीति करार दिया। विपक्ष द्वारा बिल की टाइमिंग और सरकार की नियत पर उठाए गए सवालों पर ईरानी ने कहा- पूरी लेजिस्लेटिव प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ सदन में चल रही है। 2010 में विपक्षी दल खुद विस्तार और डीलिमिटेशन (परिसीमन) की बात करते थे, और अब वे अपने ही बयानों से पलट रहे हैं। नोएडा में महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज और विपक्ष के आरोपों पर स्मृति बोलीं- समाजवादी पार्टी के नेताओं से संस्कार और संयम की अपेक्षा नहीं की जा सकती। विपक्षी दल स्पष्ट करें कि वे महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं या नहीं। अब जानिए सपा प्रमुख ने क्या कहा था? ‘आपकी सास-बहू वाली तो हार गईं’
संसद के विशेष सत्र में गुरुवार को महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए स्मृति ईरानी पर सास-बहू सीरियल को लेकर तंज कसा था। उन्होंने कहा, वह 33 प्रतिशत सीटें कौन सी होंगी। अगर आप सीट रिजर्व कर देंगे तो अध्यक्ष महोदय (लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला) ये महिलाओं के बीच ही कंपटीशन करा देंगे। वो आपकी सास-बहू वाली तो हार गईं। अगर पार्टी को ये मौका मिलेगा तो ये न केवल कंपटीशन से बच सकते हैं बल्कि महिलाओं के लड़ने की संख्या ज्यादा होगी। स्मृति ने X पर शायरी से पलटवार किया अब कार्यक्रम की झलिकयां देखिए… महिलाओं को राजनीति, शिक्षा और रोजगार में 33 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने ओम नम: पार्वती पतये, हर हर महादेव के जयघोष से कार्यक्रम का आगाज किया। कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करके सशक्त भारत के निर्माण पर जोर दिया गया। स्मृति ईरानी ने बताया कि पारित कानून के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) आरक्षण सुनिश्चित करना है। सशक्त नारी, सशक्त भारत के संकल्प को साकार करना, महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करना और आत्मविश्वास बढ़ेगा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और उज्ज्वला योजना को ‘नारी शक्ति’ को मजबूत करने के लिए प्रयागराज किया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा मेयर अशोक तिवारी राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल एमएलसी धर्मेंद्र सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि काशी क्षेत्र एवं जिले के पदाधिकारी शामिल हुए। ————————-
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