प्रतीक की 17 कंपनियां, पर मालिक अपर्णा के भाई:विरासत 2 बेटियां संभालेंगी, अपने पीछे कितनी प्रॉपर्टी छोड़ गए अखिलेश के भाई

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रियल स्टेट बिजनेस, आलीशान कोठी, बड़ा जिम, 5 करोड़ की लैंबॉर्गिनी कार और रॉयल लाइफ…। यही पहचान थी मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की। राजनीति से दूर रियल स्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने वाले 38 साल के प्रतीक की मौत हो गई। वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता हैं। इस वक्त राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। जानते हैं, सियासी रसूख के बीच अपनी अलग दुनिया बसाने वाले प्रतीक अपने पीछे कितनी संपत्ति और क्या विरासत छोड़ गए हैं… सफल बिजनेसमैन, लेकिन प्रतीक के नाम पर कोई कंपनी नहीं तीन बार के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के बेटे प्रतीक की पहचान सियासत से नहीं थी। प्रतीक ने अपनी पढ़ाई लीड्स यूनिवर्सिटी (UK) से पूरी की थी। वो सफल बिजनेसमैन माने जाते थे। लेकिन, खास बात यह है कि उनके नाम से एक भी कंपनी का रिकॉर्ड तलाश करने पर नहीं मिला। सरकारी दस्तावेजों की मानें, तो प्रतीक के नाम पर 19.56 करोड़ रुपए की कुल चल और अचल संपत्ति बताई गई है। इनमें 13.41 करोड़ की चल संपत्ति और 6.15 करोड़ की अचल संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों में 5.21 करोड़ रुपए की लैंबॉर्गिनी कार भी शामिल है। हालांकि, इस कार को खरीदने के लिए प्रतीक यादव ने 4.50 करोड़ का लोन यूनियन बैंक से लिया था। एक साल में प्रतीक अपनी संपत्तियों और बिजनेस से 1.47 करोड़ रुपए कमा रहे थे। हालांकि, यह इनकम 2015-16 की है, जब अपर्णा यादव ने लखनऊ कैंट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपने हलफनामे में पति की इसी इनकम का जिक्र किया था। प्रतीक का कई कंपनियों से इनडायरेक्ट कनेक्शन परिवार के करीबियों से बात करने और कंपनियों के दस्तावेज देखने के बाद सामने आया कि प्रतीक किसी भी कंपनी में सीधे तौर पर डायरेक्टर या डिजिग्नेटेड डायरेक्टर नहीं थे। लेकिन, कई कंपनियों में उनका इनडायरेक्टली कनेक्शन था। इतना ही नहीं, पूरा कंट्रोल प्रतीक के पास था। दरअसल, प्रतीक के ज्यादातर बिजनेस अपर्णा के भाई अमन सिंह बिष्ट और दोस्तों के नाम पर चलते थे। 17 कंपनियों में अमन बिष्ट डायरेक्टर या डिजिग्नेटेड डायरेक्टर 2012 में यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी। इसके बाद मई, 2018 तक अमन बिष्ट ने अपने अलग-अलग साथियों के साथ मिलकर 17 कंपनियां बनाईं। इनमें फेम इंफ्रा सिटी, फेम स्काई वेंचर्स, सनशाइन स्काई वेंचर्स, गाइडिंग ट्री, एसीएमई स्काईवेंचर्स, श्री शेखर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, श्री शक्ति इंफ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड, मोनाल इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, शुक्र कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, डी एंड बी इंफ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड, रोबस्ट रियल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, रोबस्ट रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और रोबस्ट रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनियां रजिस्टर हैं। बताते हैं कि इन कंपनियों का सीधा कंट्रोल प्रतीक यादव के पास था। बीच में अमन और प्रतीक के बीच इन्हीं कंपनियों के लेन-देन को लेकर विवाद की भी खबरें बाहर आती रही थीं। गौतमपल्ली में आलीशान घर, कैंट में बिल्डिंग के मालिक थे प्रतीक ने हजरतगंज इलाके के गौतमपल्ली में आलीशान मकान बनाया था। यहां वह अपनी पत्नी अपर्णा और 2 बेटियों प्रथमा, पद्मजा के साथ रहते थे। यह घर जिस विक्रमादित्य मार्ग पर है, वह लखनऊ के सबसे पॉश इलाकों में शामिल है। हाईसिक्योरिटी एरिया है। इसके अलावा प्रतीक के पास लखनऊ के गांव रमैयापुर में 22 बीघा जमीन है। यह खेती की जमीन है। कैंट एरिया में महात्मा गांधी मार्ग पर भी 5123 स्क्वायर फीट में एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग है। ‘आयरन कोर फिट’ जिम को ब्रांड बनाया प्रतीक यादव फिटनेस इंडस्ट्री में काफी सक्रिय थे। उन्होंने साल-2015 में ‘आयरन कोर फिट’ नाम से अपना फिटनेस ब्रांड शुरू किया। बाद में इसकी कई शाखाएं खोली गईं। बताया जाता है कि उनके जिम में इस्तेमाल होने वाले उपकरण विदेशों से मंगाए गए थे। इस जिम की सालाना मेंबरशिप फीस 35 हजार रुपए तक थी। इसके अलावा लखनऊ में उनका एक और बड़ा जिम है, जो गोमतीनगर में मनोज पांडेय चौराहा के पास स्थित है। इसके अलावा वे फिटनेस ट्रेनिंग, ब्रांड प्रमोशन और वेलनेस कंसल्टिंग जैसे कामों से भी जुड़े रहे। सोशल मीडिया पर भी प्रतीक यादव काफी एक्टिव रहते थे। वे अक्सर वर्कआउट के वीडियो और फिटनेस टिप्स शेयर करते थे। उनके फॉलोअर्स उन्हें फिटनेस आइकन के तौर पर भी देखते हैं। यादव परिवार से संबंध, लेकिन सैफई में जमीन-मकान नहीं मुलायम सिंह यादव की पहचान सैफई से होती है। लेकिन, प्रतीक यादव के नाम पर सैफई में न तो कोई जमीन थी और न ही कोई मकान था। बताते हैं, जब प्रतीक सैफई जाते थे तो वे मुलायम सिंह के साथ उनके घर में ही ठहरते थे। हालांकि, ऐसा कम ही होता था, जब प्रतीक या उनका परिवार सैफई जाकर रुका हो। सपा सरकार में होने वाले कार्यक्रमों के अलावा वह तभी सैफई गए, जब यादव परिवार में कोई आयोजन हुआ हो। ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे प्रतीक की मां साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। 1990 में चंद्रप्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया। इसी दौरान साधना और मुलायम की करीबी हो गई। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से शादी कर ली और प्रतीक को बेटे का हक दिया था। प्रतीक ने अपर्णा से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। इसके बाद 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- ‘All is Good’, यानी सब अच्छा है। 13 मई को निधन, 14 को अंतिम संस्कार प्रतीक का 13 मई की सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निधन हो गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। हालांकि, उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है। 14 मई को उनका अंतिम संस्कार किया गया। लखनऊ में अपर्णा के पिता यानी प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। —————————— यह खबर भी पढ़ें – अखिलेश के भाई प्रतीक को ससुर ने दी मुखाग्नि, सपा प्रमुख ने चिता पर लकड़ी रखी, प्रणाम किया सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पत्नी अपर्णा के पिता यानी प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां प्रथमा और पद्मजा भी श्मशान घाट पर मौजूद रहीं। दोनों ने पिता की चिता पर लकड़ी रखी। पढ़िए पूरी खबर…