Saturday, 5 September 2026
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भिवानी में पुराने वाहन बदलने पर सरकार देगी छूट:टैक्स में 100% डिस्काउंट, रजिट्रेशन शुल्क माफ, ऋण पर ब्याज में सब्सिडी मिलेगी

INT News5 September 2026 at 02:22 pm

भिवानी के एसडीएम और आरटीए सचिव महेश कुमार ने तोशाम के लोक निर्माण विश्राम गृह में निजी बस, ट्रक और माल वाहन मालिकों से मुलाकात की। यह बैठक एनसीआर क्षेत्र में पुराने वाहनों पर लागू नियमों को लेकर हुई। एसडीएम ने वाहन मालिकों को सरकार की वाहन परिवर्तन योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पुराने कॉमर्शियल वाहनों को एनसीआर में चलाने से बचें, क्योंकि वे निर्धारित समय सीमा और प्रदूषण मानकों के दायरे में नहीं आते। एसडीएम ने कहा कि वाहन मालिक पुराने वाहन चलाने के बजाय सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाकर नया और कम प्रदूषण वाला वाहन अपना सकते हैं। इससे नियमों के उल्लंघन से बचने के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलेगा। एनसीआर क्षेत्र से हटेंगे पुराने वाहन : एसडीएम एसडीएम महेश कुमार ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यह योजना शुरू की है। इसका मकसद एनसीआर में चलने वाले पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक व बसों (बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी) को बदलना है। इनकी जगह बीएस-6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन अपनाए जा सकते हैं। इस योजना में वाहन मालिकों को कई तरह के फायदे मिलेंगे। एसडीएम ने बताया कि बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 श्रेणी के पुराने वाहनों को सरकार के अधिकृत केंद्र पर स्क्रैप कराने पर लाभ मिलेगा। वाहन मालिकों को 10 साल तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिल सकती है। इसके साथ ही, वाहन बनाने वाली कंपनी की तरफ से वाहन की कीमत पर 8 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट और 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी जैसे फायदे भी मिलेंगे। बीएस-4 श्रेणी के वाहन मालिक एनसीआर से बाहर की एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेकर इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। एसडीएम बोले- योजना के तहत वाहन को बदलना ही बेहतर विकल्प एसडीएम ने कहा कि पुराने प्रतिबंधित वाहन को चलाकर परेशानी उठाने के बजाय समय रहते उसे बदलना बेहतर विकल्प है। इससे वाहन मालिकों को योजना का आर्थिक लाभ मिलेगा और वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। एसडीएम ने कहा कि यह योजना न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मददगार साबित होगी, बल्कि वाहन मालिकों को आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने स्तर पर भी इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक वाहन मालिकों, स्कूल संचालकों व ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाएं, ताकि जिले के लोग इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें। इस मौके पर ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर युद्धवीर सिंह, ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, आरटीए कार्यालय से डाटा ऑपरेटर जितेंद्र सिंह व शिव कुमार के अलावा सुरेश वालिया, जगजीत सिंह, अनिल कुमार, सुनील कुमार, गोविंद, विष्णु, सुमेर, नरेश कुमार, राहुल, सुरेंद्र, राजेश कुमार, संदीप, सत्यवान आदि निजी बस/ट्रक व माल वाहन मालिक उपस्थित रहे।